सरकार की महत्वकांक्षी योजना गौठान, राज्य भर में निर्माण कराया गया ताकि मवेशियों को एक ही जगह सुरक्षित रख कर उनका चारा-पानी उपलब्ध कराया जा सके ताकि उनकी बढ़िया से देखभाल भी हो और लोग परेशान न हो सके। इसके लिए गौठान निर्माण के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये सरकार के खर्च हो चुके हैं,लेकिन गौठान बनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के कारण शासन की ये महत्वकांक्षी योजना अब फेल होता नजर आ रहा है।
मुंगेली जिला में शासन की महत्वकांक्षी योजना गौठानों का हाल बेहाल है।आए दिन सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा साफ देखा जा सकता है।आवारा मवेशियों की वजह से सड़कों पर दुघर्टना बाढ़ रहा है। मुख्य सड़क ,शासकीय परिसरों में आवारा मवेशियों का डेरा जमा रहता है। गांव से लेकर शहर तक आस- पास सड़क के उपर आवारा मवेशी जाम लगाए बैठे दिख जाना आम बात हो गया है। जिसके चलते आने जाने वालों को काफी परेशानी होता है। यातायात में भी खतरा बना रहता है। कई जगह के गौठानों में मवेशियों के लिए न चारा है न पानी है। न ही देखभाल करने वाले कर्मचारी।
पशुपालकों का कहना है जब किसी प्रकार कि सुविधा ही नहीं है तो हम अपने मवेशियों को गौठान में नहीं लाते हैं।
गोठानों में पशुपालक मवेशी तो नहीं लाते लेकिन अब वो गोधन योजना के तहत खाद बनाने के काम जरूर आता दिखाई दे रहा है। कुछ जगह में गोबर से खाद और अन्य सामग्री बनाने के काम में लगे जरूर दिखाई देते है। लेकिन वहां भी गोठानों से मवेशी नदारद दिखते हैं।
ऐसे में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गोठान और रोका छेका फ्लाप नजर आ रहा है।






