छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के सदस्य प्रभु मल्लाह ने पदभार ग्रहण के बाद “amritsandesh.co.in” से चर्चा में कहा।
मुंगेली। छत्तीसगढ़ में मछलीपालन को कृषि का दर्जा प्राप्त है। अब मछलीपालन के लिए भी कृषि जैसे ही सस्ती बिजली और बिना ब्याज के ऋण की सुविधा मिलेगी। इससे मछलीपालन व्यवसाय को लाभ होगा और जो अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मछलीपालन नहीं कर पाते थे, वे भी मछलीपालन कर आय का साधन जुटा सकेंगे। मछुआ कल्याण बोर्ड के सदस्य प्रभु मल्लाह ने सभी इससे जुड़े लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मछुआ समुदाय के लोग भी इन प्रावधानों का लाभ उठाने के लिए आगे आने की अपील भी की।
मछुआ कल्याण बोर्ड के सदस्य प्रभु मल्लाह ने अपने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा। उन्होंने आगे बताया कि अब मछलीपालन के लिए कृषि के जैसे सहायता मिलने से मछुआ समाज के लोग भी मछलीपालन का काम आसानी से कर सकेंगे और उन्हें भी इस व्यवसाय का भरपूर लाभ मिल सकेगा। श्री मल्लाह ने कहा कि प्रदेश में मछलीपालन की अच्छी संभावनाएं हैं। यहां नदियों, तालाबों और नालों की कमी नहीं है। यहां बारिश भी अच्छी होती है, इन अनुकूल परिस्थितियों के साथ-साथ अब राज्य शासन द्वारा मछलीपालन के लिए दी जा रही सहायता का लाभ उठाने के लिए मछुआ समुदाय के अधिक से अधिक लोग आगे आएं।