महान शायर और गीतकार शकील बदायूँनी की मंगलवार को जयंती है। तहजीब के शहर लखनऊ ने फिल्म जगत को कई हस्तियां दी हैं, जिनमें से एक गीतकार शकील बदायूँनी भी हैं। अपनी शायरी की बेपनाह कामयाबी से उत्साहित होकर उन्होंने अपनी आपूर्ति विभाग की सरकारी नौकरी छोड़ दी थी और वर्ष 1946 में दिल्ली से मुंबई आ गए थे। शकील बदायूँनी को अपने गीतों के लिए लगातार तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें अपना पहला फिल्मफेयर पुरस्कार वर्ष 1960 में प्रदर्शित “चौदहवी का चांद” फिल्म के ‘चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो..’ गाने के लिए दिया गया था।