छत्तीसगढ़: धान की पत्तियों और तना में दिखाई देने लगे नुकसानदेह धब्बे, फसलों की निगरानी बढ़ाने किसानों को जारी हुई एडवाइजरी

बलौदा बाजार। मौसम, किसान का नहीं, कीट और खरपतवार का साथ दे रहा है। एक तरफ खरपतवारनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है तो दूसरी तरफ पत्तियों और तना में सफेद, हरा और पीला धब्बा देखकर किसानों के होश उड़ते नजर आ रहे हैं। यह उस बैक्टीरिया जनित कीट का संकेत है ,जो आने वाले दिन में शीथ ब्लाइट या तना छेदक के रूप में दिखाई दे सकते हैं।

सांवा, आलू बन और दूब सहित अन्य खरपतवार खुश हैं। वह बैक्टीरिया परिवार भी प्रसन्न है, जिनके सहारे शीथ ब्लाईट और तना छेदक जैसे कीट को फैलने का अवसर मिलता है। सफेद ,हरा और पीला धब्बा संकेत दे रहा है कि समय रहते निगरानी नही बढ़ाई और बचाव के उपाय नहीं किए गए तो, किसानों को कीटनाशक पर पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों तक ऐसी जानकारियां पहुंचने लगी है कि धान के पौधों में यह परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं।

गर्म में तापमान से नुकसान

मानसून का पहला दौर परेशान करने वाला रहा। किसी तरह बोनी और रोपाई की गई। अब फिर जरूरत है अच्छी बारिश की लेकिन बरसने वाले बादलों ने दूरी बना ली है। लिहाजा बढ़ा हुआ तापमान ऐसे कीट को पनपने का पूरा मौका दे रहा है, जिन्हें ऐसे ही मौसम की जरूरत होती है। बैक्टीरिया, बाद में शीथ ब्लाईट और तना छेदक जैसे परेशान और नुकसान पहुंचाने वाले कीट की आशंका बनती दिखाई देती है।

धब्बे से मिल रहा संकेत

मौसम का मिजाज देख रहे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि सलाहकारों तक जानकारी पहुंचने लगी है कि धान की पत्तियों और तना में सफेद, हरा और पीले धब्बे दिखाई दे रहे हैं। मौसम और तापमान को देखकर अंदेशा, इस शिकायत का पहले से ही था, इसलिए क्षेत्रवार फसल की स्थिति, पानी प्रबंधन और सूखा जैसी परिस्थितियों के आधार पर बहुत जल्द एडवाइजरी जारी की जाने की तैयारी चालू की जा चुकी है।

लक्षण,रोग और उपचार

पत्तियों में बैक्टीरिया से नुकसान के लिए स्ट्रैप्टोसाक्लीन, एग्रीमाइसीन का उपयोग करें। ब्लास्ट और शीथ ब्लाईट की रोकथाम के लिए ट्राईसाइक्लोजोल, हैक्साकोनाजोल या प्रोपीकोनाजोल का छिड़काव करें। तना छेदक पर नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड का स्प्रे करना सही होगा।

“बैक्टीरिया जनित रोग के जैसे लक्षण दिखाई देने पर यूरिया का छिड़काव तुरंत बंद करें। फसलों की निगरानी बढ़ाएं। समस्या आने की स्थिति में किसान, विभाग के मैदानी अमले को जानकारी दें। आवश्यक दवाइयों की जानकारी तुरंत दी जाएगी”।

  • एस आर पैकरा, उप संचालक, (कृषि) ,बलौदा बाजार

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