समरथ को नहीं दोष गोसाई…! बसें सड़क पर, स्टेंड में लगती हैं सब्जी दुकानें

भाटापारा। शहर का सवाल- यह बाजार है या बस स्टैण्ड ? सवारियां पूछती हैं- बसें कहां पर खड़ी होती हैं ? और भी कई सवाल हैं, जो रोज पूछे जाते हैं लेकिन जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है क्योंकि उनके लिए यह बेहद बेकार का सवाल है।

लिमतरा, सिमगा, रायपुर, बेमेतरा, सरगांव, मुंगेली, बिलासपुर और बलौदा बाजार के लिए चलने वाली बसें कहीं पर भी खड़ी हो रहीं हैं। यह इसलिए क्योंकि बस स्टैंड की जगह पर सब्जी बाजार लगता है। ऐसा नहीं है कि बस स्टैंड के लिए जगह नहीं है। मिली थी, लेकिन हमने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। हद तो यह कि उस जगह पर भी थोक सब्जी बाजार लगता है, लिहाजा अब सड़क पर आ चुका है बस स्टैंड।

~ हौसला बुलंद है

चिल्हर सब्जी बाजार इसी बस स्टैंड पर लगता है। यह कैसे ? जैसे सवाल नहीं पूछें तो बेहतर होगा क्योंकि जवाब नहीं मिलेंगे। आती-जाती बसें ,अब स्टैंड पर नहीं, सड़क पर खड़ी होने लगीं हैं क्योंकि बस स्टैंड की जमीन पर सब्जी विक्रेताओं ने कच्चे-पक्के चबूतरे बनवा लिए हैं। कौन रोकेगा ? जैसी मुद्रा के साथ यह कारोबार चलाया जा रहा है।

~ यह भी कम नहीं

निर्बाध आवाजाही की जिम्मेदारी संभालने वाली यातायात पुलिस का कार्यालय भी इसी बस स्टैंड पर ही संचालित होता है। पक्की संरचना यह बताने के लिए काफी है कि सामर्थ्यवान का कोई दोष नहीं होता। यह बात और है कि उसे यह अव्यवस्था दिखाई नहीं देती। उम्मीद मत कीजिए कि इस हरकत पर कोई ध्यान देगा।

~ मंडी बोर्ड है खामोश

जिस स्थान को बस स्टैंड के लिए उपयुक्त माना गया और स्वीकृति दी गई उसका स्वामित्व मंडी बोर्ड के पास है। लेकिन जाने क्यों उसने चुप्पी साध रखी है। अपनी जगह को खाली करवाने की कोशिश कभी बोर्ड ने की हो, ऐसा होता कभी देखा नहीं गया इसलिए सभी के हौसले बुलंद हैं।

“बस स्टैंड की स्थिति जानने और वहां क्या-क्या सुधार की जरूरत है, इसके लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट के बाद आगे की योजना तैयार की जा सकेगी”।

  • लवीना पांडे, एस. डी. एम., भाटापारा


“वर्तमान स्थिति देखने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा”।

  • एम. एस.सवन्नी, अतिरिक्त संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य मंडी बोर्ड, रायपुर

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