• कोरबा के वनांचल ग्राम कुटूरवा की घटना
कोरबा। कोरबा से बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही हैं यहां वनांचल ग्राम कुटूरवा में सेफ्टीक टैंक का सेंट्रिंग खोलने नीचे उतरे कर्मी विषैले गैस की चपेट में आ गए और एक शख्स की मौत हो गई पूरा घटनाक्रम लेमरू थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है बताया जा रहा है कि यहां वनांचल गांव कुटूरवा में जोसेफ तिग्गा शिक्षक है , जोसेफ ने अपने घर में एक महीने पहले सेफ्टीक टैंक का निर्माण करवाया था टैंक के ऊपरी हिस्से को सेंट्रिंग प्लेट लगाकर ढलाई किया गया था एक महीने से सील बंद सेप्टिक टैंक के भीतरी हिस्से में लगे शटरिंग प्लेट को निकालने के लिए आज मिस्त्री और लेबर को शिक्षक ने बुलाया था।
9 फीट गहरे सेफ्टीक टैंक के एक हिस्से को खोलकर मिस्त्री और लेबर जैसे ही नीचे पहुंचे, वो मौके पर ही बेहोश हो गए। घटना को देख मौके पर खेल रहे बच्चों ने इसकी जानकारी मकान मालिक शिक्षक को दी जिसके बाद जोसेफ तिग्गा के कहने पर गांव का एक अन्य शख्स सेफ्टीक टैंक में नीचे उतरा और वह भी विषैली गैस की चपेट में आते ही बेहोश हो गया उसके बाद शिक्षक जोसेफ तिग्गा खुद भी सेफ्टीक टैंक में नीचे उतरे और वह भी बेहोश हो गए इस घटना को देखने के बाद गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।
वही अनहोनी की आशंका से एक अन्य शख्स के साथ 65 वर्षीय छंदू किस्पोट्टा भी टेंक के नीचे उतरे और लाइन से 6 लोग विषैली गैस की चपेट में आकर सेफ्टीक टैंक के अंदर ही बेहोश होते गए जिसके बाद आनन-फानन में स्थानीय ग्रामीणों ने सेफ्टीक टैंक के एक हिस्से को तोड़कर अंदर बेहोश पड़े सभी छह ग्रामीणों को बाहर निकाला गया इस घटना में जहां 6 लोगों में 5 को कुछ देर में होश आ गया वहीं 65 वर्षीय छंदू किस्पोट्टा की मौत हो गई घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई फिलहाल घटना को लेकर मेडिकल टीम बंद पड़े सेफ्टीक टैंक में मिथेन गैस बनने की आशंका जता रहा है जिसकी चपेट में आकर सभी लोग तुरंत बेहोश हो गए वहीं उम्र दराज छंदू किस्पोट्टा की हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई फिलहाल इस पूरे घटना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।