मुंगेली। आगर नदी के एनीकट में डूबे पिता और पुत्री के शव को 24घंटे बाद गोताखोर एवं स्थानीय मछुआरों की मदद से ढूंढ लिया गया है। महिला का शव कल ही बरामद कर लिया गया था। दरअसल, गुरुवार सुबह मरावी बछेरा गांव के पास आगर नदी में बने एनीकट के ऊपर से पानी का तेज बहाव चल रहा था। जिसे पार करते बगबुड़वा निवासी उतरा मरावी उसकी पत्नी रामेश्वरी मरावी और 9 वर्षीय पुत्री अन्नपूर्णा हादसे के शिकार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले बच्चे फिसल कर गिर गए, जिसे बचाने के फेर में उसकी मां नदी में कूद गई और दोनों को बचाने के लिए पिता नदी में कूद गए, और देखते ही देखते पूरा परिवार आगर नदी की लहरों में समा गया। पानी में डूबने से मृत रामेश्वरी का शव कल ही एनीकट के आस-पास बरामद हो गया था। वहीं उतरा मरावी और 9 वर्षीय बच्ची पुत्री लापता हो गए थे, जिसका शव आज बरामद हुआ है।
पथरिया थाना प्रभारी आलोक सुबोध सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई थी। वहीं गोताखोर एवं स्थानीय मछुआरों की टीम लगातार लापता पिता और पुत्री की तलाश में जुटी हुई थी। करीब 24 घंटे कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल के निचले इलाके के आगर नदी में ही बने अलग-अलग एनीकट के आसपास से पिता पुत्र के शव को बरामद कर लिया गया है। वहीं पंचनामा कार्रवाई के बाद मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ था। वहीं लापता पिता-पुत्री को तलाशने के लिए प्रशासन पुलिस के अलावा जनप्रतिनिधियों ने सर्च अभियान चलाया। इलाके के कांग्रेसी नेता वशी उल्लाह शेख ने स्थानीय मछुआरों की मदद से देर रात तक साथ में रहकर सर्च लाइट लगवा कर तलाशी अभियान चलाया। जिसका परिणाम आज सुबह दोनों शव को बरामद कर लिया गया।
प्रशासन की लोगों से अपील
पथरिया एसडीएम प्रिया गोयल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस एवं प्रशासन की टीम लगातार लापता हुए पिता पुत्री को ढूंढने में लगी हुई थी. आज दोनों के शव को बरामद कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार प्राकृतिक आपदा में परिजनों को दी जाने वाली शासकीय राशि के लिए जल्द प्रकरण तैयार करने प्रक्रिया शुरू जा रहा है. वहीं उन्होंने आम जनों से अपील किया है कि नदी नाले उफान वाले इलाकों में जाने से बचे व पूल एवं एनीकट के ऊपर में पानी चलने की स्थिति में आवाजाही बिल्कुल भी ना करें।
घटना के बावजूद लोग सावधानी नहीं बरत रहे। जान जोखिम में डालकर एनीकट पार कर रहे हैं। ये लापरवाही कही फिर भारी न पड़ जाए। शहर से लगे आगर नदी के एनीकट के ऊपर से तेज बहाव चल रहा है। पुलिस-प्रशासन बेसुध है। जिले में बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन अलर्ट मोड़ में नहीं है।