~ आलाकमान ने दी सभी विधायकों को संतुष्ट कर भेजने की जवाबदेही महामंत्री केसी वेणुगोपाल को
~ प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की भी है संभावना
~ राजस्थान, मध्यप्रदेश व पंजाब से अलग स्थिति है छत्तीसगढ़ राज्य की
~ नेतृत्व परिवर्तन में कोई भावी दिक्कत नही होने का है अंदेशा
~ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नही मिला सोनिया से मिलने का समय
~ दो दिन पूर्व से ही मुख्यमंत्री बघेल की बॉडी लैंग्वेज से लगने लगा था परिवर्तन संभव
दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के ताजा राजनीतिक हालात में अभी दिल्ली राहुल गांधी के आवास में सीएम भूपेश बघेल प्रभारी पीएल पुनिया के साथ बैठक अंतिम मुहाने पर है और अब लगने भी लगा कि जो नेताओ द्वारा प्रेस रिलीज होने की संभावना है वो लगभग सभी जान भी रहे है। मगर 2 दर्जन से अधिक विधायक आधा दर्जन मंत्री व कुछ नेताओं की अन्तिम लॉबिंग अभी कुछ ही मिनटों में कांग्रेस के मुख्यालय में जमघट लगाने जा रही है। सूत्र उन सभी को संतुष्ट करने की जवाबदारी भी महामंत्री केसी वेणुगोपाल को दी है। हालांकि फैसला ये विधायक, मंत्रियों के लिए ठीक नही मगर 2023 में विधानसभा चुनाव में संभावनाओ को देखते हुए यह फैसला हो सकता है जिसमे मुख्यमंत्री के रूप में मंत्री टीएस सिंहदेव की ताजपोशी की घोषणा की जा सकती है। बहरहाल छत्तीसगढ़ राज्य के ढाई ढाई साल सीएम वाले फार्मूले के बाद अभी चल रही बैठक में पूरे देश की निगाहें लगी हुई है। सभी मिनट, मिनट का अपडेट पता कर रहे है।
बता दें छत्तीसगढ़ की राजनीति अब दिल्ली के केंद्र बिंदु पर आ गई है। आज चार बजे से दिल्ली में मुख्यमंत्री बघेल और राहुल गांधी के बीच महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को इसका असर छत्तीसगढ़ की राजनीति में व्यापक रूप में दिखाई दिया। कुछ विधायक खुलकर मुख्यमंत्री के साथ खड़े दिखे । यही वजह है कि बैठक से पहले प्रदेश के कई मंत्री और विधायकों ने दिल्ली की दौड़ लगा दी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ढाई-ढाई साल के कथित फार्मूले का पटाक्षेप हो जाएगा। फिलहाल गेंद किसके पाले में जाएगी, इसका इंतजार राजनेताओं के साथ-साथ आम जनता को भी है।
छत्तीसगढ़ के चार दर्जन विधायक और आठ मंत्री अभी दिल्ली में हैं। इन सभी की मंशा एक लॉबिंग की तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पक्ष में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर बताने की है। बताया यह भी जा रहा है कि सभी विधायकों से सहमति पत्र भी मांगा गया है जिसे राहुल गांधी को सौंप दिया गया है। टीएस बाबा को अब तक आलाकमान से मिलने का समय नही मिला है । सिंहदेव भी कई दिनों से दिल्ली में डटे हुए है ।
पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर गुरुवार और आज शुक्रवार को प्रदेश की राजधानी से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक दिनभर हलचल रही। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया दिल्ली पहुंचे हुए हैं। वे प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के बेहद करीबी माने जाते हैं। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी दिल्ली में है। मंत्री अमरजीत भगत देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हुए। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम एक दिन पहले ही दिल्ली से लौटने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हुई। हालांकि उनका कहना है कि वो महिला कांग्रेस की बैठक की वजह से दिल्ली जा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व विधायक विकास उपाध्याय भी दिल्ली में है। इसके अलावा विधायक यूडी मिंज, विनय जायसवाल, गुलाब कमरो, गुरुदयाल बंजारे, पुरुषोत्तम कंवर, कुंवर निषाद, चिंतामणि महाराज, शकुन्तला साहू, कुलदीप जुनेजा, आशीष छाबड़ा, देवेन्द्र यादव, शिशुपाल शोरी, विनोद सहित अनेक मंत्री, विधायक मौजूद है।