कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में घर में घुसकर राजपरिवार के सदस्य की हत्या कर दी गई। युवक का खून से लथपथ शव बेड पर पड़ा मिला है। ग्रामीणों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। वारदात के बाद सारा सामान खेत में बिखरा मिला है। आशंका है कि चोरी की नीयत से हत्या की गई है। बताया जा रहा है कि मारा गया युवक राजमाता का भांजा था। मामला पिपरिया थाना क्षेत्र का है।
मृतक विश्वनाथ राजमाता शशि प्रभा का भांजा लगता था। वह करीब 10 साल से ग्राम इंदौरी में रहकर राजमाता की खेती-बाड़ी से जुड़े काम देखता था। रात को खेत में ही बने फार्म हाउस के कमरे में अकेले रहता था। सुबह जब ग्रामीण खेत में पहुंचे तो फार्म हाउस के कमरे में खून से लथपथ उनका शव पड़ा देखा। इसके बाद राजपरिवार को इसकी सूचना दी गई।
सिर पर धारदार हथियार से वार करने की आशंका
ग्रामीणों की सूचना के बाद राजा योगेश्वर राज सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि सिर पर गंभीर चोट के निशान है। आशंका है कि किसी धारदार हथियार से हमला किया गया है। पुलिस को कमरे और खेत में सामान भी बिखरा मिला है। ऐसे में अंदेशा है कि चोरी की नीयत से हत्या की गई। हालांकि, राजपरिवार से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस फिलहाल कुछ बोल नहीं रही है। कवर्धा रियासत के राजा योगेश्वर राज सिंह के बुआ के लड़के की इंदौरी फार्म हाउस में हत्या कर दी गई है।
मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रही
राजपरिवार के एक सदस्य की हत्या हो गई है। मृतक कवर्धा रियासत के राजा योगेश्वर राज सिंह के बुआ का लड़का था। इंदौरी के फार्म हाउस में उसकी खून से लथपथ लाश बरामद हुई है। वह इंदौरी की जमीन-जयजाद की देख-रेख करता था। जैसे-जैसे यह खबर लोगों तक पहुंची, इलाके में सनसनी मच गई। चूंकि मामला राजपरिवार से जुड़ा है, इसलिए पुलिस भी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच गंभीरता से करने में जुट गई है।
पुलिस घटनास्थल पहुंच कर मामले की जांच में जुट गई है। मृतक के सिर पर हैं गंभीर चोट के निशानमृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्यारे ने धारदार हथियार से उस पर वार किया होगा। पुलिस की टीम सुबह से ही घटनास्थल पर एक-एक चीज की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
रात में अकेले ही रहता था फार्म हाउस में
बताया जाता है कि मृतक विश्वनाथ नायर राजमाता स्व. शशिप्रभा देवी का सगा भांजा था। जब राजमाता जिंदा थीं, तब से इंदौरी क्षेत्र के जमीन-जायदाद की देख-रेख करने की जिम्मेवारी उन्होंने विश्वनाथ को ही सौंपी थी। तभी से वह जमीन-जायजाद की देख-रेख करता आ रहा था। वह रात में अकेले ही फार्म हाउस में रहता था।