बिलासपुर। सप्ताह भर पहले वह रात अलीम अंसारी के लिए काली रात साबित हुई, जब रात डेढ़ बजे अचानक डीजे की तेज आवाज ने उनके ढाई साल के इकलौते बेटे अमान को अंदर से हिला दिया, दिमाग पर पड़े असर से अमान को ब्रेन हेमरेज हो गया। शांत पड़ चुके बच्चे को परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ उसका एक सप्ताह तक इलाज के बाद अमान की इस दहशतगर्दी आवाज के कारण मौत को गले लगाना पड़ा। मगर इतना सब हो जाने के बाद दिनरात पाबंदी के बावजूद डीजे की धुन प्रतिबंध के बावजूद थमने का नाम नही ले रही।
बता दें दो बहनों में छोटा अमान को जन्म से ही एप्लास्टिक एनीमिया की बीमारी थी जिसमे शरीर में खून बनने की क्षमता खत्म हो जाती है। ढाई साल के अमान का इलाज बैंगलोर में चल रहा था,जिससे वह ठीक था।लेकिन 30 सितंबर की देर रात डेढ़ बजे डीजे की तेज आवाज ने उसको पूरी तरह बेसुध कर दिया। अब ढाई साल का अमान इस दुनिया में नही रहा।
प्रतिबंध के फ़रमान के बाद कार्यवाही भी करे प्रशासन
प्रायः देखा जा रहा है कि प्रशासन किसी भी संवेदनशील समय मे बैठकों और प्रतिबंध के लिए आदेश तो जारी करती है मगर इसके पालन के लिए कोई ध्यान नही दिया जाता। लोग भी प्रशासनिक औपचारिक फरमान होने के हवाले से आदेश की अवहेलना करते देखे जाते हैं। मगर यह कानफोड़ू डीजे की तेज आवाज की तरंगें से हो रही परेशानी और मौत के आलम के बाद क्या अब प्रशासन जागेगा? प्रतिबंध के बावजूद अनेक अवसरों, त्यौहारों या कोई भी बहाने बजने वाले डीजे पर जिला व पुलिस प्रशासन कोई ठोस कदम उठाए, तभी इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा, बच्चे,बुजुर्गों और बीमार लोगो को डीजे के तेज आवाज का गहरा असर पड़ रहा है।