• अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चांपा। फास्ट ट्रैक कोर्ट सक्ति के विशेष न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने पांच वर्ष की बालिका के दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त के विरुद्ध आरोपित अपराध प्रमाणित पाये जाने पर बीस दिन के भीतर आरोपी को 20 वर्ष की कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये हसौद थाना प्रभारी उपनिरीक्षक पुष्पराज साहू ने अरविन्द तिवारी को बताया प्रार्थिया द्वारा थाना में उपस्थित होकर एक लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी कि दिनांक छह अगस्त को शाम करीबन चार बजे इसकी नाबालिक लडकी पास के दुकान में खाई खजाना लेने गई थी। तभी वहां गांव का ईश्वर साहू चाकलेट देने के बहाने दुकान के ऊपर एक कमरे अंदर ले गया और वहां ईश्वर साहू द्वारा गलत (बलात्कार) किया है। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर हसौद थाना में अपराध क्रमांक 82/2021 , धारा 376 क ,ख , 377 भादवि एवं 4 ,6 पास्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। प्रकरण में जांजगीर चांपा पुलिस अधीक्षक महोदय प्रशांत ठाकुर (भापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय संजय कुमार महादेवा (रापुसे) से आवश्यक मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी चंद्रपुर / डभरा बी०एस० खुंटिया के दिशानिर्देश पर प्रकरण के आरोपी ईश्वर साहू (19 वर्षीय) पिता लक्ष्मी साहूथाना हसौद को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो घटनाकारित करना स्वीकार किया। सात अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दिया जाकर उन्हें न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपी को न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया था। इसके पश्चात मामले की विवेचना कर 14 दिन के भीतर विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र फास्ट ट्रेक कोर्ट /विशेष न्यायालय (पॉक्सो )कोर्ट सक्ति में 19 अगस्त 2021 को पेश किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट सक्ति के विशेष न्यायाधीश यशवंत सारथी ने प्रतिदिन सुनवाई कर 20 दिन के भीतर मामले में त्वरित निर्णय घोषित किया।अभियोजन पक्ष के द्वारा अपने सभी महत्वपूर्ण साथियों को न्यायालय में पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से भी साक्ष्य पेश किया गया तथा उभय पक्ष के अंतिम तर्क श्रवण किया गया। सभी पक्षों को पर्याप्त समय देने के पश्चात मामले में निर्णय घोषित किया गया। अभियोजन द्वारा आरोपित अपराध प्रमाणित किये जाने पर तथा अभियुक्त के खिलाफ आरोपित अपराध न्यायालय द्वारा सिद्ध दोष पाये जाने पर अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 क , ख के लिये 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड , भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के अपराध के लिये 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000 रूपये की जुर्माना , लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 24 (दो) के लिये 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रूपये का अर्थदंड तथा पास्को एक्ट की धारा 5 (ड) के उल्लंघन में इसी अधिनियम की धारा 06 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। सभी अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर क्रमशः छह माह , तीन माह , छह माह , छह माह का कठोर कारावास अतिरिक्त भुगताने का आदेश पारित किया गया है। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक राकेश महंत ने किया।