• मुंगेली जिले के एक आबकारी विभाग की झूठी शिकायत के बाद मामले का हुआ खुलासा
• बिलासपुर में लंबे समय से सक्रिय है गिरोह
• फर्जी व्हाट्सएप नम्बर, फेसबुक में फर्जी एकाउंट के जरिए ब्लैकमेल की करता है कोशिश
• सायबर सेल की टीम व्हाट्सएप नम्बर व फेसबुक एकाउंट की कर रही शिकायत के बाद तस्दीक
•होगा बड़ा खुलासा
बिलासपुर। लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने वाले कुछ लोगो का गिरोह बिलासपुर में सक्रिय है बिलासपुर सायबर सेल की टीम इस संबंध में गहराई से पतासाजी कर रही है। राजस्व विभाग को टारगेट में ले अधिकारियों को ब्लैकमेल करने अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश की खबरे बिलासपुर जिले में कोई नई नही है जिसमे कुछ भूमाफिया और राजस्व विभाग के ही कुछ तथाकथित लोग सक्रिय रहे है। अनेको शिकायत एफआईआर और विभागीय कार्यवाही के बावजूद अभी भी कुछ लोग बिलासपुर राजस्व विभाग को टारगेट करते अपनी कार्यवाही से बचने रोज नए नए पैंतरे अपना रहे है।
सोशल मीडिया में फर्जी एकाउंट बना अपने ही उच्च अधिकारियों, शहर के नामी गिरामी नेताओ के नाम झूठी शिकायकर्ता जैसे साजिश करने की शिकायत सायबर टीम को की जा चुकी है। अब देखने लायक यह भी होगा कि कितनी शीघ्रता से सायबर की टीम इस अनर्गल अपराधिक प्रवृत्ति के कारनामो को उजागर करती है। हालांकि साइबर की टीम बारीकी से फेसबुक एकाउंट व सोशल मीडिया के ग्रुप में शिकायत के बाद नजर बनाए हुए है जिससे शीघ्र ही बड़ी कार्यवाही होने के कयास लगाये जा रहे हैं।
बता दें कुछ समय पूर्व मुंगेली के एक आबकारी निरीक्षक की झूठी शिकायत बिलासपुर के एक प्रतिष्ठित राजनेता के नाम से की गई थी जिसकी जांच के बाद झूठी शिकायत से तो पर्दा उठ गया। शिकायतकर्ता नेता अपने नाम के दुरुपयोग को देख अचंभित रहे बाद में साइबर की टीम इस मामले में जुट गई है जिस पर शीघ्र ही सोशल मीडिया के दुरूपयोग का मामला पंजीबद्ध करने की तैयारी देखी जा रही है।
मुंगेली जिले में पिछले वर्ष एक हत्या के मामले में हालांकि आरोपी को जेल भेज दिया गया है मगर पुलिस विवेचन में असली राजदार (साजिशकर्ता) अभी भी बाहर होने की खबर है जिसकी शिकायत भी की गई है जांच होने उपरांत असली साजिशकर्ता के लिए बड़ी कार्यवाही देखने को मिलेगी।