• कृषि महाविद्यालय की पहल
बिलासपुर। 2001 में महाविद्यालय स्थापना के पूर्व से इस केंद्र का गौरवशाली इतिहास रहा है l महाविद्यालय स्थापना के पश्चात ना सिर्फ अनुसंधान एवं विस्तार अपितु कृषि शिक्षा के क्षेत्र में भी निरंतर उन्नति कर हमने सफलता के नए सोपान स्थापित किए हैं l इन 20 वर्षों में महाविद्यालय ने कृषि शिक्षा में नए मुकाम हासिल किए हैं l महाविद्यालय से उपाधि प्राप्त कर छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय स्तर में चयनित होकर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित कर रहे हैं l इस उपलब्धि के लिए मैं सभी प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं l
उक्त उदगार डॉ. एस.के. पाटिल, माननीय कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर (छ.ग.) ने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के 20वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से वर्चुअल व्यक्त किया उन्होंने कहा की बिलासपुर केंद्र फल अनुसंधान के लिए प्रसिद्ध है l जिसके लिए हम डॉ. रामलाल कश्यप के योगदान को कभी नहीं भूल सकते l केंद्र में स्थित आम के बगीचे में कई किस्मों का संग्रहण है जो किसी और केंद्र में नहीं है l जिससे हम नई किस्मों का विकास कर सकते हैं। अनुसंधान के अंतर्गत अखिल भारतीय गेहूं अनुसंधान परियोजना में बहुत अच्छी किस्मों का विकास किया गया है एवं मैं आशा करता हूं की भविष्य में हम और नई किस्में विकसित करेंगे। जैव नियंत्रण प्रयोगशाला राज्य में स्थित जैविक कीटनाशक एवं जैव उर्वरक उत्पादन की ऐसी प्रयोगशाला है जहां पर हम गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार कर रहे हैं। भविष्य में इस संस्था के नाम से जैव उर्वरक के निर्माण की कंपनी स्थापित की जा सकती है जिसके द्वारा राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आपने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की l आपने कम समय में महाविद्यालय के विकास की सराहना की तथा आशा व्यक्त किया कि यह महाविद्यालय इस क्षेत्र में कृषि विकास एवं किसानों की उन्नति के लिए काफी उपयोगी सिद्ध होगा l आपने शिक्षकों को स्नातक, स्नातकोत्तर शिक्षा के अलावा शोध उपाधि एवं रोजगारोन्मुखी कृषि शिक्षा देने पर जोर दिया l कृषि महाविद्यालय के 20 वे स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा एवं बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में डॉ. आर. के.एस. तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय द्वारा अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया । अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. तिवारी द्वारा महाविद्यालय के प्रतिवेदन का पठन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री आनंद मिश्रा, माननीय सदस्य प्रबंध मंडल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर (छ.ग.) ने अपने उद्बोधन में कहां की भारतवर्ष में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की मुख्य आय का साधन खेती है। मुझे यह जानकर हर्ष हो रहा है की बिलासपुर स्थित कृषि महाविद्यालय द्वारा आदिवासी बहुल क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मैं आप सभी को महाविद्यालय के स्थापना की 20 वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं देता हूं l इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री. अजय सिंह ठाकुर, प्रगतिशील कृषक ने भी सभा को संबोधित किया l महाविद्यालय स्थापना के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्राम धूमा के प्रगतिशील सब्जी उत्पादक कृषक श्री. चेतराम यादव एवं ग्राम लगरा पामगढ़ के प्रगतिशील धान उत्पादक कृषक श्री. रेशम लाल यादव को सम्मानित किया गया l आज के इस कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर के प्राध्यापक, वैज्ञानिक गण, कर्मचारी बंधु तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे l कार्यक्रम का सफल संचालन वैज्ञानिक अजीत विलियम्स ने किया l




