नई दिल्ली/रायपुर। पंजाब और राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब छत्तीसगढ़ में सीएम बदले जाने को लेकर कांग्रेस आलाकमान में विचार करना शुरू कर दिया है। 10 जनपद से मिली खबर के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के मामले में अंतिम फैसला लेंगे। राहुल के फैसले पर ही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांंधी और प्रियंका गांधी अपनी मुहर लगाएंगी। बताया जा रहा है कि अगर पंजाब में नया घटनाक्रम नहीं होता तो अब राहुल गांधी का फैसला आ जाता।
यह भी बताते चले कि छत्तीसगढ़ की राजनीतिक बिरादरी में त्रिभुवनेश्वर सरन सिंहदेव उर्फ टीएस बाबा जल्द ही छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के लिए तैयार हैं। यह केवल समय की बात है, जब पार्टी आलाकमान किसी भी समय इसकी घोषणा कर सकता है।
इधर दिल्ली में पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने खुलासा किया कि रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने से पार्टी आलाकमान ने पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। ये बता दें कि दिल्ली में मौजूद सभी विधायक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी सहयोगी हैं। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन विधायकों के दिल्ली दौरे को निजी दौरा बताया है, उन्होंने ये कहा कि पार्टी के विधायकों को दिल्ली जानें से नहीं रोक सकते, कोई भी अपनी बात आलाकमान के सामने रख सकता है। यह भी बताया जा रहा है कि पार्टी के 15 विधायक अपने साथ 60 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ नई दिल्ली पहुंचे थे।
सूत्रों का कहना है कि अगर राहुल गांधी अपने वादे के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला लेते हैं तो टीएस सिंहदेव की सीएम पद पर ताजपोशी की औपचारिक घोषणा के दशहरा से पहले की जा सकती है। यह भी खबर है कि दिवाली के पहले राज्य की राजनीति में हाई-वोल्टेज आतिशबाजी भी हो सकती है।