छत्तीसगढ़: कवर्धा में घायलों से मिलने गए भाजपा प्रतिनिधिमंडल को सर्किट हाउस में ही रोका, मिलने नहीं दिया, धरना के बाद वापस लौटे नेता

रायपुर। कवर्धा में घायलों से मिलने गए भाजपा प्रतिनिधिमंडल को जिला प्रशासन ने सर्किट हाउस में ही रोका दिया। जिसके बाद भाजपा का प्रतिनिधिमंडल स्थानीय नेताओं के साथ धरने पर बैठ गया। इस दौरान सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 10-15 मिनट तक नारेबाजी के बाद नेताओं ने मीडिया से बात की। और बाद में वहां से रायपुर जाने के लिए रवाना हो गए।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल करीब 3 बजे कवर्धा पहुंचा। इसमें राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक नारायण चंदेल और कृष्णमूर्ति बांधी शामिल थे। कवर्धा सर्किट हाउस में उन्होंने स्थानीय भाजपा नेताओं, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थानीय प्रतिनिधियों से हालात का जायजा लिया। प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर और एसपी से भी अब तक हुई कार्रवाईयों की जानकारी ली।

घायलों से मिलने की अनुमति नहीं दी

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शहर में उन लोगों से मिलने जाने की कोशिश की, जो पुलिस लाठीचार्ज अथवा दंगे की चपेट में आने की वजह से घायल हुए हैं। प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। कवर्धा कलेक्टर ने उन्हें एक पत्र दिया जिसमें उनके घायलों से मुलाकात के आग्रह को खारिज करने की बात लिखी थी। कहा गया, धारा 144 लगाई गई है। ऐसी स्थिति में शांति व्यवस्था और लोक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आपका संबंधित परिवारों से मिलने का आग्रह अस्वीकार किया जाता है।

यह सरकार की दादागिरी,परिणाम भुगतना पड़ेगा: कौशिक

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, यहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है। कवर्धा में क्या हो रहा है दुनिया को मालूम नहीं है। उत्तर प्रदेश में क्या हो रहा है यह सबको पता है, लेकिन छत्तीसगढ़ की स्थिति किसी को नहीं पता। यह प्रशासन और सरकार की दादागिरी है जो ठीक नहीं है। सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। जो लोग लाठी खाए हैं, उनसे मिलकर हालचाल लेने में भी इनको दिक्कत हो रही है।

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