• अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के०वी० सुब्रमण्यम ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं दूसरी तरफ इनके इस्तीफे के बाद केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से नये नाम की घोषणा नहीं की गयी है। अरविंद सुब्रमण्यम के पद छोड़ने के करीब पांच महीने बाद 07 दिसंबर 2018 को केवी सुब्रमण्यम देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाये गये थे।उन्होंने भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद शिक्षा जगत में वापस लौटने का फैसला किया है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुये कहा कि राष्ट्र की सेवा करना एक परम सौभाग्य रहा है और मुझे सरकार के भीतर से अद्भुत समर्थन और प्रोत्साहन मिला है। सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेरे संबंध भी अच्छे रहे हैं। अब मैं शिक्षा के लिये काम करना चाहता हूं , इस कारण मेरे इस्तीफे को अन्यथा ना लिया जाये।उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके मार्गदर्शन , सहयोग और समर्थन के लिये धन्यवाद देते हुये कहा उनकी आर्थिक नीति की सहज समझ आम नागरिकों के जीवन को ऊंचा करने में मदद करेगी। मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ज्यादा प्रेरक नेता कोई नहीं मिला।उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का भी पूर्ण सहयोग मिला और आर्थिक सर्वेक्षण को तैयार करने में वित्तमंत्री ने पूरा सहयोग किया।के०वी० सुब्रमण्यम इससे पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की विशेषज्ञ समितियों में रहे हैं। उन्होंने जेपी मॉर्गन चेस , आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में भी सेवायें दी हैं।