नवनिर्माणाधिन मुंगेली तहसील कार्यालय भवन में भयंकर विसंगतियों के बीच हो रहा काम, गुणवत्ताविहीन निर्माण में हो रहे भ्रस्टाचार के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीलू साहू ने हल्ला बोला-video

“याद रहे तहसील बिल्डिंग को बना रही यह वही एजेंसी RES है जिसके कारण अनेक मजदूर मौत के मुहाने में रहे”

नवनिर्माणाधीन तहसील कार्यालय के निर्माण में हो रहे लीपापोती, भ्रस्टाचार की कलेक्टर से की गई शिकायत

मुंगेली। वैसे तो मुंगेली जिले में लंबे समय से अनेक विभाग व वहाँ के कामकाज पर उंगलियां उठ रही है। मुंगेली नगर पालिका के नाली घोटाले में मुश्किल में पड़े स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारियों के बाद बात यदि पीडब्ल्यूडी, एरिगेशन या फिर आरईएस जैसे विभागों में भी ठेकेदारों व विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से भ्रस्टाचार के अनेक मामले उजागर होते रहे है। नावनिर्माणाधिन तहसील कार्यालय के ठीक सामने बने रजिस्ट्रार ऑफिस को शराब दुकान की तर्ज पर होने की खबरे भी आई मगर दुर्भाग्य ही कहा जाय निर्माण एजेंसी अथवा स्वयं रजिस्ट्रार ऑफिस के अधिकारियों द्वारा आजतक विसंगतियों के खिलाफ मुँह नही खोला गया प्रशासन भी बिना शिकायत कोई कार्यवाही में अपनी लाचारी बता मूकदर्शक जैसे ही है। जिसके बाद अब ठेकेदार अथवा निर्माण एजेंसीयो के हौसले इन दिनों खेत के बीच मे आनन फानन में बनाये जा रहे नावनिर्माणाधिन तहसील कार्यालय के भवन में भी भयंकर भ्रस्टाचार होने की शिकायत पर जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती शीलू साहू निरीक्षण में पहुंच बिल्डिंग में हो रही लीपापोती को बताया।

बता दें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा निर्माण कराए जा रहे हैं। तहसील भवन में गुणवत्ता को ताक पर रखकर कार्य कराने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य शीलू साहू ने कलेक्टर से शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि विभाग द्वारा खामियों को छिपाने जांच होने तक अविलंब कार्य में रोक लगाने की मांग के बावजूद गुणवत्ताविहीन कार्य कराया जा रहा हैं । यही वजह है कि उन्होंने कलेक्टर से लिखित शिकायत करते हुए दोषियों के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मालूम हो ऐसे ही निर्माण कार्य कुछ वर्षों पूर्व जिला पंचायत के भवन बनते समय हुई जिसके कारण अनेको मजदूरों की जान पर बन आई थी मगर दोषी इंजीनियर,एसडीओ,ईई के जांच के लिए कमेटी बनाई जांच में सभी को दोषी भी पाया गया मगर कोई कार्यवाही नही हुई। अब वैसे ही अधिकारियों के हौसले फिर से बुलंद है जिसके कारण किसी भी समय नावनिर्माणाधिन तहसील कार्यालय भवन में किसी भी समय बड़ी घटना, दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है। पूरे निर्माण में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के अधिकारियों, सब इंजीनियर आंखों में काली पट्टी लगाए हुए हैं।

मुख्यमार्ग पर जिला मुख्यालय एवं जिला पंचायत के बीच गीधा में RES विभाग के द्वारा 35 लाख की लागत से तहसील भवन का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें गुणवत्ता के मापदंडों को दरकिनार कर ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारी पर जमकर मनमानी करने का आरोप लगा हैं। स्थानीय ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत मिलने पर जिला पंचायत सदस्य शीलू साहू ने निरीक्षण किया जिसमें कई खामियां पाई गई जिसके बाद उन्होंने मोबाइल के माध्यम से इसके संबंध में RES के कार्यपालन अभियंता से चर्चा किया, उनके द्वारा असंतोष जनक जवाब देते हुए इसके संबन्ध में जानकारी होने से इंकार कर दिया गया। जिसकी शिकायत भी आज कलेक्टर से की गई । शिकायत में बीजेपी नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती साहू ने कहा है कि प्लिंथ लेवल का कार्य प्रगति पर है किंतु जो कॉलम के गड्ढे हैं जिसको रेत या मुरूम के द्वारा भरा जाना था उसके स्थान पर काली मिट्टी के द्वारा भराई किया जा रहा है। इसी तरह बीम में जगह-जगह गुणवत्तापूर्ण काम नही किए गए है जो कि मानक स्तर का नहीं है। निर्माण एजेंसी के द्वारा कार्य स्थल पर किसी तरह सूचना फलक नहीं लगाया गया जिससे निर्माण की जानकारी आम जनता व जनप्रतिनिधियों को नहीं मिल पा रही है। वहीं निर्माण कार्य स्थल पर साइड इंजीनियर केवल औपचारिकता निभाकर गायब हो जाता है जबकि इंजीनियर के सतत रेखदेख व निर्देशन में ही निर्माण कार्य होना है। नावनिर्माणाधिन बिल्डिंग में कार्यरत मजदूर ही बता रहे हैं कि इंजीनियर कई दिन तो साइड पर पहुँचता भी नही है।
बहरहाल निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत कलेक्टर से करते हुए निर्माण कार्य की जांच करने की मांग की गई । वही मामले में विभाग के कार्यपालन अभियंता पीके शर्मा विभाग की नाकामियों की बात पर पल्ला झाड़ते हुए गड़बड़ियों की जांच करने की बजाय निर्माण कार्य ऑल इज वेल की राग अलाप रहे है। हालांकि वे खुद ही निर्माण स्थल की मुआयना करने की बात जरूर कह रहे है,यदि समय रहते गड़बड़ियों को सुधारा नही गया तो खतरों के बीच मजदूर मौत से खेलते नजर आ रहे है। कलेक्टर इस निर्माण कार्य के लिए अलग किसी विभाग के इंजीनियर भी निरीक्षण, कार्यगुणवत्ता के लिए नियुक्त करें ताकि समय पर स्टीमेट अनुसार काम हो सके किसी विषम परिस्थितियों अथवा घटनाएं,दुर्घटनाओं पर रोक लगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *