नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जीटी नानावती (Justice GT Nanavati) का शनिवार को निधन हो गया, वे 86 साल के थे। जस्टिस नानावती ने साल 1958 में बॉम्बे हाई कोर्ट से अपनी लीगल प्रैक्टिस शुरू की थी। साल 1979 में उन्हें गुजरात हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था, इसके बाद 1993 में उन्हें उड़ीसा हाई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया।
सुप्रीम कोर्ट से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों और 2002 के गोधरा दंगों की जांच के लिए बनाए गए जांच आयोगों की अध्यक्षता की थी। 6 मार्च 1995 को सुप्रीम कोर्ट में जज बनने से पहले उन्होंने उड़ीसा, गुजरात और कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का भी पद संभाला, वे 16 फरवरी, 2000 को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे। जस्टिस नानावती का जन्म 17 फरवरी 1935 को हुआ था।
मई 2002 में गुजरात सरकार ने जस्टिस नानावती को गोधरा दंगों की जांच के लिए बने आयोग का प्रमुख बनाया था। गोधरा में 27 फरवरी, 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के कोच में आग लगा दी गई थी, जिसमें 59 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद गुजरात के कई इलाकों में भीषण दंगे हुए थे, जिसमें 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।