मुंगेली जिले के समस्त अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर कार्यवाही की मांग की।
अब जिला पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से किए शिकायत पर बदला पैतरा, जातिसूचक गाली गलौज का अब शिकायत में जिक्र ही नही।
मुंगेली। IAS रोहित व्यास को जिला पंचायत सदस्य द्वारा चप्पल मारने की कोशिश के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुंगेली में इस मामले में अधिकारियों – कर्मचारियों की बैठक के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, वहीं राजधानी में IAS एसोसिएशन ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री,पंचायत मंत्री और मुख्य सचिव से करते हुए संबंधित महिला के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
IAS एसोसिएशन ने की घटना की निंदा
IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज पिंगुआ ने इस मामले पर amrittimes.com से चर्चा करते हुए बताया कि इस घटना को लेकर संगठन के पदाधिकारियों की आपस में चर्चा के बाद मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से की गई है। यह घटना निंदनीय है और आरोपी महिला के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। पता चला है कि इस मामले को लेकर मुंगेली के कलेक्टर और CEO आज रायपुर प्रवास पर हैं। दोनों ने संघ के अध्यक्ष मनोज पिंगुआ और मुख्य सचिव अमिताभ जैन से मुलाकात की है।
उधर इस मामले में पंचायत मंत्री और सीएम सचिवालय ने भी संज्ञान लिया है। जानकारी के मुताबिक खुद पंचायत मंत्री ने भी फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।
26 से हड़ताल पर चले जाने की चेतावनी
मुंगेली में इस मामले को लेकर राजपत्रित अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त बैठक हुई और इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर रोहित व्यास के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में कार्रवाई के लिए 3 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है और चेतावनी दी गई है कि कार्रवाई नहीं होने पर जिले के कर्मचारी-अधिकारी चरणबद्ध ढंग से आंदोलन करेंगें।
इधर मुंगेली जिले के तहसीलदार ने SDM को और SDM ने कलेक्टर को पात्र लिखकर जानकारी दी है कि कर्मचारियों ने जिला पंचायत में हुई घटना के बाद खुद को असुरक्षित मासूस करने की बात कहते हुए इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर 26 दिसम्बर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाने की चेतावनी दी है।
महिला की शिकायत झूठी ..?
मुंगेली जिला पंचायत की महिला सदस्य लैला ननकू भिखारी ने आरोप लगाया था कि कि CEO द्वारा उसे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया, हालांकि जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो हकीकत सबके सामने आ गयी। महिला सदस्य ना सिर्फ चप्पल उठाकर मारने की कोशिश करती दिखी, बल्कि ये भी कहती सुनी गयी कि बुलाओ एसपी को, क्या कर लेते हैं।
इस मामले में CEO के चेंबर का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमे सीईओ ने कहीं भी जातिगत तौर पर महिला को कोई बात नहीं कही है।
बहरहाल इस मामले में सभी को पुलिस और प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही का इंतजार है। मामले को जल्द सुलझाया नहीं गया तो हालात और भी ख़राब होने के आसार हैं।
अब जिला पंचायत के प्रतिनिधियों के बदले सुर,जातिसूचक वाली बात हटा की गई शिकायत
मालूम हो जिला पंचायत परिसर में कार्यालयीन समय पर घटित महिला सदस्य लैला ननकू भिखारी व उनके पति द्वारा खुलेआम अभद्रता उजागर हुई तब भी महिला सदस्य के समर्थन में तत्काल जिला पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा एकजुटता दिखाते हुए एसपी दफ्तर पहुंच जातिसूचक गाली गलौच की बात को फोकस किया गया मगर सीसीटीवी फुटेज व जिला पंचायत परिसर के चश्मदीद के बयान के बाद एकाएक आज जातिगत गालीगलौज की बात का जिक्र ही न कर नई शिकायत मुख्यमंत्री के नाम भेजी गई। ऐसा करने के पीछे राजनैतिक एकजुटता दिखाना भी मकसद हो सकता है मगर बात प्रदेश ही नही देश भर में होने लगी साथ ही आईएएस एशोसिएशन भी सामने आ कार्यवाही के लिए सीईओ के पक्ष में पैरवी कर रहा है।
आईएएस रोहित व्यास जबसे जिला पंचायत सीईओ का कार्यभार संभाले है तब से वर्षो पुराने जनपदों के कुछ लिपिकों पर भी बड़ी कार्यवाही होते देखी गई उसके बावजूद उनकी निष्पक्ष कार्यवाही के सामने कभी किसी ने शिकायत भी नही की,मगर एकाएक महिला सदस्य द्वारा अभद्रता के बावजूद जिला पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा सीईओ की शिकायत करने की घटना समझ से परे नजर आ रही है। बहरहाल महिला हो या कोई भी यदि किसी अधिकारी से अभद्रता अपमान की घटना की गई है तब ऐसे में शासन,प्रशासन सहित विभिन्न एशोसिएशन को भी सामने रह बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष कार्यवाही कराई जानी चाहिए। ताकि दुबारा ऐसे घटना की पुनरावृत्ति न हो।












