साख बचानी हो तो मनुराज की दावेदारी पर लगे मुहर..

मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में बहुमत के लिए आसान नही दिख रही कांग्रेस की नगर सरकार बनते

11-11 है मत कांग्रेस के पास एक निर्दलीय का है समर्थन तो जेल में निरूद्ध एक वोट भी पड़ सकता है भारी

साम दाम दंड भेद के सहारे कांग्रेस पार्षद मनुराज को पिता अनिल सोनी के प्रभाव में मिल सकता है अन्य मतो का समर्थन

मुंगेली। एक ओर पूरे प्रदेश के हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय के उप चुनाव के बाद सरकार व कांग्रेस संगठन हर जगह जोड़तोड़ से कांग्रेस के अध्यक्ष, महापौर के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर सक्रिय है। वहीं दूसरी ओर मुंगेली नगर पालिका में भाजपा के नगर सरकार में अध्यक्ष रहे संतुलाल सोनकर के मुसीबत में आने के बाद अब राज्य शासन ने पद बर्खास्त करने और निर्वाचन आयोग के नए अध्यक्ष चयन के लिए प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद भारी उहापोह मची हुई है मगर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के लिए अपना अध्यक्ष बना लेना उतना आसान नही दिख रहा है जितनी आसानी से सरकार ने कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पार्षद हेमेंद्र गोस्वामी को कुछ दिनों के लिए अध्यक्ष बना दिया था।

मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए जोड़तोड़ के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा बड़े ही बखूबी से सुलझे व्यक्तित्व, अनुभवी अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर को पर्यवेक्षक बना दिया है। निश्चित रूप से उनके पर्यवेक्षण में कांग्रेस के वर्तमान स्थिति से निपटते हुए मुंगेली नगर पालिका में अध्यक्ष बैठा लेना निश्चित रूप से आसान लग रहा है।

बता दें मुंगेली नगर पालिका के लिए कांग्रेस से अध्यक्ष पद के तीन प्रमुख दावेदार सामने है जिसमे नगर पालिका के लगातार15 वर्षो अध्यक्ष पद पर काबिज और सफल रहे अनिल सोनी के पुत्र मनुराज सोनी के अलावा चार बार से निर्वाचित पार्षद अरविंद वैष्णव के अलावा हेमेंद्र गोस्वामी है। जिनमें सबके पास अपने अपने पक्ष में मत होने की दलील है मगर जो मत के फासले है उसमें यह कहना मुश्किल है कि किसी भी के लिए अध्यक्ष का पद उतना आसान हो। कारण भाजपा के पास भले ही एक मत जेल में हो मगर मत तो है ही कल क्या हो कहना भी बड़ा मुश्किल है। भाजपा भी अपने दावेदारी में कही पीछे नही। ऐसे में कांग्रेस के समक्ष सभी मापदंड में अनिल सोनी के पुत्र मनुराज सोनी को अध्यक्ष के लिए अन्तिम फैसला लिया जा सकता है जिसका सबसे अहम और महत्वपूर्ण कारण मनुराज सोनी के पारिवारिक पृष्ठभूमि में पिता अनिल सोनी का लगातार तीन बार अध्यक्ष रहना और उसके बाद मां सावित्री सोनी का भी अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने से मुंगेली नगर पालिका में सभी वर्ग में अच्छी पकड़ के अलावा एक आमराय के रूप में अनिल सोनी के लिए माना जा रहा है जिससे बिना किसी किंतु, परंतु सभी के सहमति पर मुहर लगने की पूरी पूरी भरपूर गुंजाइश है। इसके अलावा नगर पालिका में बीते दो वर्ष में सरकार के साथ नगर भाजपा सरकार के होने से जो नगर विकास के लिए होना था उसकी भरपाई भी यदि मनुराज के अध्यक्ष बनने पर आगामी तीन साल विकास के लिए बहुत अच्छा कहा जा सकता है।

मनुराज के लिए मिल सकते है अन्य प्रभावी मत

नगर पालिका अध्यक्ष के लिए हो रहे चुनाव में हालांकि मनुराज सोनी उभरता युवा चेहरे के रूप में ही है मगर पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते कांग्रेस के मत के अलावा दो,चार पांच मत अन्य भी मिल जाय तो कोई अतिश्योक्ति नहीं। इसके अलावा भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर भी सामंजस्य बिठाने,जनहित के लिए व कोई बगावत विरोध को रोकने एक कारगर, अहम,निर्णायक प्रयास मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष के लिए माना जा सकता है।

बहरहाल 5 जनवरी को निर्वाचन आयोग के तय समय अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने है पूरे प्रदेश में अन्य नगरीय निकाय के अध्यक्ष के लिए जैसा माहौल बना हुआ है वैसी ही सुगबुगाहट मुंगेली नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए देखने को मिल रही है।

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