मुंगेली– 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पंजाब प्रदेश के फिरोजपुर शहर में सभा को संबोधित करने बठिंडा एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा जा रहे थे तभी मार्ग में पंजाब के मुख्यमंत्री व तत्कालिन डीजीपी द्वारा रचित षड़यंत्रकारी आंदोलनकारियों के द्वारा 20 से 25 मिनट तक काफिले को रोककर वीवीआईपी सुरक्षा को तार-तार करते हुए प्रधानमंत्री जी के जान को खतरे में डालकर जोखिम पैदा किया गया।
पंजाब के मुख्यमंत्री अपने आकाओं के निर्देश पर यह कुचक्र रचने का कुत्सित प्रयास किया है जबकि जहॉ काफिला रोका गया था वहाँ से पाकिस्तान का बार्डर जुडा हुआ है। जिसमें बड़ी घटना घटित हो सकती थी। पंजाब शासन व प्रशासन वीवीआईपी सुरक्षा कराने में अक्षम साबित हुआ है। दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस के देश भर के नेता ऐसी घटनाओं है के निंदा करने के बजाय अक्षम शासन प्रशासन को बचाते हुए घटना पर विवादित व हास्यस्पद निंदनीय बयान दे रहे है। जिसका भाजपा अनुसुचित जाति मोर्चा छत्तीसगढ़ कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा यह कहना कि प्रधानमंत्री के काफिले पर हमला तो नहीं हुआ है? तथा यह राजनीतिक रंग है ।
यह कहकर कांग्रेसियो के मन में देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ षड़यंत्र का भाव स्पष्ट प्रतित होता है। इन्ही षड़यंत्रकारियों के खिलाफ अनुसुचित जाति मोर्चा प्रथम सुचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने सिटी कोतवाली में आवेदन दिया गया। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के प्रतिमा या छायाप्रति के समक्ष सायं 2 से 4बजे तक कोविड नियमों का पालन करते हुए काली पट्टी बाधंकर व विरोध स्वरूप स्लोगन की तख्ती लगाकर मौन प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मानिकलाल सोनवानी, जिला अजा मोर्चा अध्यक्ष शिवकुमार बंजारा, जगमोहन मिरी,ताराचंद टंडन,गोवर्धन जांगड़े, नरेंद्र पाल बंजारा, राजेश कुर्रे, जगन्नाथ निषाद,भरतलाल बंजारा,उमाशंकर बघेल आदि उपस्थित रहे।
