दिल्ली/ पंजाब : मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार उन्हें उस मामले में ‘‘फंसाने’’ के लिए ‘‘षडयंत्र’’ रच रही है, जिसे लेकर राज्य में कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की है। चन्नी ने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव होते हैं, केंद्र में भाजपा नीत सरकार राजनीतिक विपक्षियों को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
चन्नी ने अपने रिश्तेदार के आवास पर ईडी द्वारा मंगलवार को की गई छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इस मामले में मुझे फंसाने के लिए एक षड्यंत्र रचा गया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि संघीय जांच एजेंसी के कर्मी इस मामले में उन्हें ‘‘फंसाने’’ की कोशिश कर रहे हैं। चन्नी ने सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कुछ मंत्रियों के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पंजाब में अवैध बालू खनन के खिलाफ जारी धनशोधन रोधी जांच के सिलसिले में की गई छापेमारी के दौरान 10 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई, जिसमें से आठ करोड़ रुपए चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह उर्फ हनी से जुड़े परिसरों से जब्त किए गए। सूत्रों ने बताया कि दो करोड़ रुपये की नकदी संदीप कुमार नाम के एक शख्स के ठिकाने से बरामद हुई है।
चन्नी ने अपने भतीजे के परिसरों पर ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर जिला) पुलिस द्वारा 2018 में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम शामिल भी नहीं था।बहरहाल, अधिकारियों ने कहा कि नवांशहर पुलिस की 2018 की प्राथमिकी और राज्य में अवैध रेत खनन के कारोबार में कथित रूप से शामिल कुछ कंपनियों एवं व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को मिली इसी प्रकार की अन्य शिकायतों का संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई की गई।
ईडी ने दस करोड़ रुपये की नकदी जब्त की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब में अवैध बालू खनन के खिलाफ जारी धनशोधन निरोधी जांच के सिलसिले में की गई छापेमारी के दौरान दस करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। इसमें मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एक रिश्तेदार के ठिकाने से जब्त किए गए आठ करोड़ रुपये भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। ईडी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पंजाब में ‘अवैध’ खनन और संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन, 21 लाख रुपये मूल्य से अधिक का सोना और 12 लाख रुपये कीमत की रोलेक्स घड़ी भी जब्त की गई है।
सूत्रों ने छापेमारी के दौरान मनमानी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को शुरू की गई कार्रवाई ‘उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की गई थी और इस दौरान न तो कोई व्यक्तिगत टिप्पणी की गई थी, न ही कोई धमकी दी गई थी।’ सूत्रों ने बताया कि अवैध खनन मामले में पंजाब के मोहाली, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट सहित अन्य शहरों में मंगलवार को दर्जनभर ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई थी, जो बुधवार तड़के खत्म हुई। उन्होंने बताया कि यह छापेमारी धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की गई थी और इस दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए।