एटीआर क्षेत्र मेंशिकार की बढ़ी संभावना, तीन सौ मैदानी कर्मचारी हड़ताल पर

मुंगेली: ये विडबंना है कि अचानकमार टाईगर रिजर्व में हर वित्तिय वर्ष में करोड़ों का बजट आता है लेकिन टाईगर रिजर्व के दैनिक अमले के वेतन के लिए फंड नहीं रहता और पिछले छह माह से यहां का मैदानी स्टाफ बिना वेतन के रिजर्व फारेस्ट की चौकीदारी और वन्य प्राणियों की सुरक्षा में लगा हुआ है ।


सबसे गंभीर बात ये है कि जब ये तीन सौ कर्मचारी टाईगर रिजर्व में तैनात थे तब भी शिकार नहीं रूक रहा था लेकिन कम से कम ये तीन सौ कर्मचारी टाईगर रिजर्व में नजर तो आते थे लेकिन जब एक साथ तीन सौ कर्मचारी काम बंद कर देंगे तो टाईगर रिजर्व की सुरक्षा कैसे हो पाएगी ? और ऐसे में अवैध शिकार की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता ।

एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा ने भी माना था कि स्टाफ की काफी कमी है ऐसे में पूरे जंगल की सुरक्षा व्यवस्था करने में दिक्कत आती है । ऐसे में उच्च अधिकारियों को ये समझना चाहिए कि कर्मचारियों की कमी के बाद भी जो हैं वो भी हड़ताल पर रहेंगे तो फिर एटीआर का क्या होगा ।
पिछले तीन दिनों से यहां के तीन सौ कर्मचारी हड़ताल पर हैं लेकिन अभी तक उच्च अधिकारियों ने उनसे बात नहीं की है और ना ही उन्हें जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया है । एटीआर के शिवतराई ,अचानकमार ,छपरवा ,लमनी,केंवची ,जकड़बंधा ,बिजराकछार व सावंतपुर के दैनिक कर्मचारी एक साथ हड़ताल में है । इससे यहां के बैरियर के साथ ही अंदर की व्यवस्था भी गड़बड़ा गई है ।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मानसिंह का कहना था – कर्मचारियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है ऐसे में घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है । एक दो माह तो बाजार से उधारी लिया जा सकता है लेकिन छह छह माह कौन उधारी देगा फिर बच्चों की पढ़ाई बिमारी में दवाई सब का खर्च कैसे चलेगा । अधिकारियों को हमारी समस्या पर भी ध्यान देना चाहिए ।
एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा से जब बात की गई तो उनका कहना था – कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए प्रोसेस शुरू कर दी गई है और उम्मीद है जल्द ही भुगतान हो जाएगा । इस बार एनटीसीए ने अपनी प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव किया है इसलिए दिक्कत है लेकिन आने वाले समय में भुगतान की समस्या नहीं रहेगी । उम्मीद है जल्द ही हड़ताल समाप्त हो जाएगी । 

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