Breaking- दर्रीघाट डकैती का खुलासा,4 गिरफ्तार

बिलासपुर। 13 जनवरी को मस्तूरी थाना अंतर्गत ग्राम दर्रीघाट के लिमतरा में रहने वाले जमीन व्यवसाई कांग्रेस नेता टाकेश्वर पाटले के घर दिनदहाड़े डकैती की घटना अंजाम दी गई थी। डकैतों ने पाटले की पत्नी और परिजनों से नगदी सहित जेवर लूटकर फरार हो गए थे।सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस और आई जी रतनलाल डांगी मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की थी। लगभग 10 दिनों के बाद इस घटना का खुलासा हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए मामले से जुड़े तमाम जांच और निष्कर्ष को सामने रखा। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें उड़ीसा के डकैत शामिल हैं। पुलिस ने जिन डकैतों को गिरफ्तार किया है उनके नाम 1/आनंद टोप्पो उर्फ टोनी पिता सुशील टोप्पो उम्र 22 साल माल गोदाम बस्ती वार्ड नंबर 10 जिला सुंदरगढ़ उड़ीसा, 2/ छोटू सिंह पिता बबलू सिंह उम्र 23 वर्ष साकिन बस्ती बसंती कॉलोनी वार्ड नंबर 9 थाना उदित नगर जिला सुंदरगढ़ 3/अजय कुमार ध्रुव पिता अमर सिंह ध्रुव उम्र 21 साल लावर थाना मस्तूरी जिला बिलासपुर और 4/ दुर्गेश ध्रुव उर्फ रूपेश पिता विजय ध्रुव उम्र 28 साल साकिन गणेश नगर नयापारा जिला बिलासपुर। इनके अलावा फरार आरोपियों में रमजान उर्फ बल्लू महमुदुल्लाह उम्र 42 साल साकिन राजगंगपुर मोहल्ला भट्ठा पारा थाना रामपुर जिला सुंदरगढ़ उड़ीसा हाल मुकाम चिंगराजपारा, दूसरा माइकल सिंह पिता गया उर्फ बबलू सिंह उम्र 26 साल बसंती कॉलोनी वार्ड नंबर 9 थाना उदित नगर जिला सुंदरगढ़ उड़ीसा, तीसरा अनिल साय निवासी माल गोदाम थाना उदित नगर जिला सुंदरगढ़, चौथा अयूब खान निवासी चिल्हाटी हाल मुकाम चिंगराजपारा बिलासपुर, पांचवा तुलसी ग्राम सिमरिया थाना पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा और छठवां रमज़ान उर्फ बल्ला पिता चांद अली ग्राम चिल्हाटी बिलासपुर यह आरोपी अभी फरार हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। पकड़े गए डकैतों से 5 नग मोबाइल फोन, एक देसी कट्टा,एक नग पिस्टल और नकदी रकम ₹5000 घटना का मुख्य सरगना लावर निवासी युवक ही निकला। टांकेश्वर पाटले ने 2017 में उसे और उसके माता-पिता को एक मामले में जेल भिजवा दिया था। जेल में रहने के दौरान ही युवक ने बदला लेने का मन बनाया और जेल में बंद डकैतों से दोस्ती कर इस घटना की उन्हें जिम्मेदारी सौंपी। 1 दिन पहले उड़ीसा से बुलाकर डकैतों को पास के ही गांव चिल्हाटी में रुकवा दिया गया था जो सुबह आकर इस घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। करीब एक हज़ार सीसीटीवी और करीब4 लाख मोबाइल कॉल की जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है। दरअसल डकैतों ने पीड़ित का मोबाइल भी चोरी कर लिया था, जिसमें थोड़ी देर के लिए उन्होंने अपना सिम डाल दिया और उसके बाद तुरंत निकाल लिया। यहीं से जांच की दिशा उस युवक के माध्यम से पूरे डकैतों तक गई। और येन केन प्रकारेण मामले में आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। डकैतों से हथियार और मोबाइ बरामद किया गया है।

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