कोयला उत्पादन में कमी के लेकर एसईसीएल प्रबंधन का किया गया घेराव

बिलासपुर:आज हजारों की संख्या में आज युंकाइयों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष कोरबा श्याम नारायण सोनी के नेतृत्व में एसईसीएल प्रबंधन का घेराव किया। विदित हो कि पूरे देश में लगातार कोयला उत्पादन में कमी होने की वजह से प्रत्येक क्षेत्र में कोयले की कमी हो रही है ।छत्तीसगढ़ में भी उत्पादन में कोयले की कमी होने के कारण नान पावर सेक्टरों में कोयला आपूर्ति में कमी करने का निर्णय लिया गया है।

जिसके विरोध में आज हजारों की संख्या में कोरबा लोकसभा के युवा कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष श्याम नारायण सोनी के नेतृत्व में युवा कार्यकर्ता कोरबा से व महेंद्र गंगोत्री कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बिलासपुर से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने एसईसीएल मुख्यालय में जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।

हमेशा की तरह एसईसीएल प्रबंधन बात करने से बचने के लिए पुलिस प्रशासन व एसईसीएल सुरक्षा कर्मियों को आगे रखा परंतु युवाओं के गुस्से को देखते हुए एसईसीएल प्रबंधन को झुकना पड़ा और एक प्रतिनिधिमंडल अंदर जाकर डायरेक्टर पर्सनल से मिलकर अपनी बातें रखी।

प्रतिनिधिमंडल में श्याम नारायण सोनी पूर्व अध्यक्ष कोरबा लोकसभा युवा कांग्रेस ,महेंद्र गंगोत्री कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष युवा कांग्रेस ,अभय नारायण राय प्रवक्ता कांग्रेस कमेटी,शिबली मेराज खान , सुधांशु मिश्रा, गौरव दुबे,गुलशन सोनी ,अमितेश राय,भावेंद्र गंगोत्री ,रंजीत सिंह ,वाशिम खान ,हरीश शर्मा उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने डायरेक्टर पर्सनल से अपनी मांग रखी कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों को किसी भी प्रकार से कोयले की आपूर्ति में कमी नहीं होनी चाहिए ,यदि उद्योगों के कोयला आपूर्ति में कमी होती है तो हजारों की संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे ।इस स्थिति में हम विरोध स्वरूप खदानों में कोयला उत्पादन रोक देंगे ।प्रतिनिधि मंडल के आक्रोश को देखते हुए डायरेक्टर पर्सनल ने आश्वासन दिया है कि बरसात खत्म होने के बाद से उत्पादन में तेजी आ गई है और हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार से कोयले के उत्पादन में कमी ना हो श्याम नारायण सोनी ने कहा कि भारत देश का 18% कोयला छत्तीसगढ़ से निकलता है और नान पावर सेक्टर को कोयला नहीं देने का निर्णय भारत सरकार द्वारा कृत्रिम अभाव पैदा करने का षड्यंत्र है। महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए नए-नए प्रकार के प्रयोग किए जा रहे हैं ।इसी के तहत यह एक और नया प्रयोग है कि नाम पावर सेक्टर को कोयला ना देना। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा लगातार स्थानीय की अवहेलना की जाती रही है परंतु अब स्थिति बर्दाश्त से बाहर है।
आज के गिरा हुआ विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से श्याम नारायण सोनी ,महेंद्र गंगोत्री, शिबली मेराज खान ,अभय नारायण राय, सुधांशु मिश्रा, अभय तिवारी, गौरव दुबे, गुलशन सोनी ,भावेंद्र गंगोत्री, नितिन चौरसिया, पंकज सोनी, रंजीत सिंह, वसीम खान अर्पित केसरवानी,राहुल बोले,दाद्दु सोनकर,गोपी कौशिक,निखिल सोनी,मयंक सिंह गौतम,अंकित अवस्थी,पुष्पराज साहू,सज्जाद आलम, मधुसूदन दास ,रवि कश्यप, हरीश शर्मा, दीपक वर्मा रंजेश सिंह ,भूपेंद्र साहू ,तरुण यादव ,शुभम राय, कृष्णा राजपूत आदि हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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