अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां फिर से बनने वाली है सूत्रों से मिली खबर के अनुसार मार्च के महीने में गर्मी के मौसम के ठीक पहले छत्तीसगढ़ की सियासत में गर्मी बढ़ने वाली है। कम से कम स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के बयान से यह स्पष्ट हो जाता है। बयान के स्वर बताते हैं कि मार्च के महीने में ढाई ढाई साल वाले फार्मूले पर कुछ निर्णायक निर्णय हो ही जायेगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ मौजूदा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव के मध्य ढाई ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति की बात की चर्चा थी।यह माना जा रहा था कि चुनाव के बाद अधिकांश विधायकों के समर्थन के बावजूद आलाकमान के अनुरोध पर स्वास्थ्य मंत्री इसी फार्मूले के आधार पर पीछे हटने को तैयार हुए थे।
लेकिन ढाई वर्ष बीतने के बावजूद जब फार्मूले पर अमल करने के बजाय स्वास्थ्य मंत्री को सियासी नुकसान पहुंचाने का हर किस्म का प्रयास CM गुट द्वारा किया जा रहा है। इस फार्मूले के लेकर अगस्त 2021 से पिछले नवरात्र तक छत्तीसगढ़ की सियासत में जोर आजमाइश दिखाई देती रही। हालांकि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को उत्तरप्रदेश के चुनाव प्रभार मिलने से अटकलें फिर शांत पड़ गई थी।
सूत्रों से पता चला है कि नववर्ष में जब श्री भूपेश बघेल राहुल गांधी से मिलने गये थे तब राहुल गांधी ने उन्हें सत्ता हस्तांतरण के वादे को ध्यान दिलाया था। 10 मार्च को उत्तरप्रदेश के चुनाव समाप्त हो रहे हैं, उसके ठीक पहले स्वास्थ्य मंत्री का इशारा बताता है कि मार्च में छत्तीसगढ़ की सियासत में नवतपे की गर्मी रहेगी।