बिलासपुर:दिनेश जायसवाल भारत सरकार अंर्तगत थल सेना में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। 31 अगस्त 2015 को हवलदार के पद से रिटायर हुए।09.08.1983 को सचिव मध्य प्रदेश शासन, राजस्व विभाग एवं दिनांक 25.01.2021 को सचिव छ.ग. शासन, राजस्व विभाग द्वारा भूतपूर्व सैनिकों को भूमि आबंटन के संबंध में सर्कुलर जारी किया गया जिसमें यह प्रावधान किया गया कि नान कमीशन्ड भूतपूर्व सैनिक जो कि भूमिहीन हैं।
उन्हें उनके निवास जिले में 5 (पांच) एकड़ असिंचित या 2.5 (ढाई) एकड़ सिंचित भूमि का आबंटन किया जाएगा। दिनेश जायसवाल द्वारा उपर्युक्त सर्कुलर के तहत् भूमि आवंटन हेतु कलेक्टर, बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत अभ्यावेदन का निराकरण ना किये जाने से क्षुब्ध होकर हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं लक्ष्मीन कश्यप के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष याचिका दायर की गई।
उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका को स्वीकार कर कलेक्टर बिलासपुर सारांश मित्तर को यह निर्देशित किया गया कि वे सर्कुलर 09.08.1983 एवं दिनांक 25.01.2021 के परिपालन में भूमि आबंटन हेतु याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करें परन्तु कलेक्टर सारांश मित्तर द्वारा याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण ना किये जाने से क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ता द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं लक्ष्मीन कश्यप के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष अवमानना याचिका दायर कर यह तर्क दिया गया कि कलेक्टर बिलासपुर द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर भूमि आबंटन हेतु याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण नहीं किया गया है।
उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा उक्त अवमानना याचिका की सुनवाई के पश्चात् मामले को गंभीरता से लेते हुए एवं नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर बिलासपुर, सारांश मित्तर को अवमानना नोटिस जारी कर तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।