छत्तीसगढ़ के इस क्षेत्र में शेर व हाथियों की हुई धमक वहाँ के निवासियों में दहशत

कोरबा– छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिले के पाली विकासखण्ड अंतर्गत चैतुरगढ़ के जंगल मे इन दिनों एक शेर की दस्तक की खबर आम हुई है। उसे बगदरा से सपलवा मार्ग पर रामटोक के समीप इस मार्ग से देर शाम के वक्त गुजर रहे लोगों ने विचरण करते देखना बताया है। वहीं ग्राम बारीउमराव निवासी ग्रामीण सुखरू सिंह पिता बलवान सिंह के एक बैल को बिजरा घाट के पास शेर ने बीते 22 अप्रैल को अपना निवाला भी बनाया है।

दूसरी ओर 9 हाथियों का दल भी पाली मुख्यालय के आसपास जंगलों में विचरण कर रहा है। जिनमे दो बच्चे भी शामिल है। घने वनों से आच्छादित चैतुरगढ के पहाड़ियों में शेर की धमक और पाली के समीप हाथियों के आने से वनांचल में बसे ग्राम के निवासियों में दहशत व्याप्त है।

दूसरी ओर पिछले दिनों 22 अप्रैल को बैल का शिकार करने के मामले में पंचनामा भी बनाया गया है। रेंजर के मुताबिक शेर के पंजे के निशान उन्होंने शिनाख्त किए हैं। वैसे कोरबा जिले के जंगल में तेंदुआ और बाघ की दस्तक पहले भी हो चुकी है।

अभी के मामले में कुछ पुष्ट तौर पर कहना संभव नहीं है। प्रारंभिक तौर पर ही जानकारियां सामने आ रही हैं जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। अधिकांशत: बाघ के आने-जाने की खबरें जरूर आती रही हैं।

बता दें कि वर्तमान भीषण गर्मी का दौर चल रहा है, और जंगल के अधिकतर नदी- नालों का पानी सूख गया है। चैतुरगढ का घना जंगल अचानकमार टाइगर रिजर्व से जुड़े होने के कारण शेर सहित अन्य हिंसक जानवर ग्रीष्मकालीन मौसम में चारे- पानी की तलाश में भटककर इस जंगल मे पहुँच जाते है और ग्रामीणों के पालतू मवेशियों, भेंड़- बकरियों को अपना चारा बनाते है।

वही कटघोरा वनमंडल के पसान परिक्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों का एक दल पहली बार पाली मुख्यालय के काफी समीप जंगलों में पहुँचा है। जिनके डर से वनांचल में बसे ग्रामीण घर से बाहर कहीं आने जाने को लेकर एहतियात बरत रहे है। फिलहाल वन विभाग के अधिकारी- कर्मचारी अलर्ट है व वनांचल के ग्रामीणों को सतर्क रहने कहा गया है।

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