मुंगेली: आत्मानंद स्कूल में छात्रा के आकस्मिक निधन पर रखा गया था शोक,शिक्षक सम्मान अगले दिन बच्चों द्वारा रख किया गया औपचारिक आयोजन

“शाला के बच्चों द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम में कुछ जनप्रतिनिधि,अभिभावक,पत्रकार, साहित्यकार रहे मौजूद”।

शिक्षकों का सम्मान 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर एक राष्ट्रीय परंपरा है जिसके तहत सभी शैक्षणिक संस्थानों में इस दिन शिक्षकों के सम्मान सहित स्कूलों में विविध आयोजन की परंपरा चली आ रही है। मगर मुंगेली आत्मानंद स्कूल की एक छात्रा जो कि अपने घर के समीप कुछ दिनों पूर्व करेंट की चपेट में आने से मौत हुई निश्चित रूप से छात्रा के परिजनों के अलावा स्कूल परिवार के लिए भी अत्यंत शोक व गहरा दुःख का विषय रहा जिसके चलते मृत्यु दिवस के एक दिन उपरांत शिक्षक दिवस पर होने वाले सारे आयोजन निरस्त रख शोक सभा आयोजित कर उस दिन यानी शिक्षक दिवस को सम्पूर्ण कार्यक्रम स्थगित रखे गए।

इस सम्बंध में कुछ लोगो के अनर्गल आपत्ति के बाद शाला प्रबंधन व शाला विकास समिति के अध्यक्ष सोम वर्मा की ओर से व्यक्तव्य जारी कर बताया गया कि किसी भी दुःख की घड़ी शाला परिवार ही नहीं बल्कि पूरे शहर और हम सब एक होकर किसी भी दुख-सुख में शामिल होने की परिपाटी चली आ रही है मगर कुछ लोगो द्वारा राज्य शासन के महत्वपूर्ण आत्मानंद स्कूल में हुए शिक्षकों के सम्मान और जनप्रतिनिधियों, नेताओ की उपस्थिति को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है।

मालूम हो मुंगेली के आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर विविध आयोजन, सम्मान कार्यक्रम रखा गया मगर शाला परिवार की एक छात्रा के अपने घर के समीप गणेश पंडाल में अकस्मात मृत्यु होने के कारण यह कार्यक्रम एक दिवस बाद औपचारिक ढंग से किया गया जिसमें जनप्रतिनिधियों, सहित अभिभावकों व कुछ साहित्य जगत से जुड़े लोग भी शामिल हुए। मगर छात्रा की मौत के बहाने जो शाला प्रबन्धन व राजनैतिक दलों के बीच समन्वय बिगाड़ने की कुत्सित प्रयास की गई उसकी शहर के तमाम जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों सहित सभी बुद्धजीवियों ने कड़ी निंदा की है।

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