नेतागण घमंड की फ़ुल माला पहनने में व्यस्त है और मोदी-3 का उत्सव मना रहे है- शैलेश

बिलासपुर। सरकार यानि कोई व्यक्ति नहीं होता है सरकार एक तंत्र,एक सिस्टम होता है जिसे हम व्यवस्था भी कहते है और सरकार के रूटीन कार्य में नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी कार्य और देखभाल और सफ़ाई आदि इत्यादि है।तो बात ये है कि सरकार के किसी व्यक्ति को अकेले कोई कार्य नहीं करना होता है पूरा सिस्टम साथ होता है फिर भी हमेशा लापरवाही करी जाती है,अपना काम ठीक से नहीं किया जाता है एक दूसरे में डाल कर टाल दिया जाता है और काम नहीं होता है।

मलेरिया और डायरिया से मरने वाले हमारे ही लोग है लेकिन तब भी कोई प्रिवेंटिव मैनेजमेंट नही है मरने के बाद ही सरकार का अमला जागता है और फिर ख़ानापूर्ति या कोई भी कारण देकर छुट्टी पा जाता है सरकार के पास फण्ड होता है और उस फण्ड का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं में सफ़ाई सेवाओं में खर्च करना होता है लेकिन क्या हम एसा कर पाते है ,क्या हम समय पर सब काम करते है नही ?

पर्याप्त साफ़ सफ़ाई का न होना बीमारियों को आमंत्रण देता है और नतीजा लोग बड़ी संख्या में बीमार होते है और कुछ की मौत हो जाती है।रतनपुर में डायरिया और टैंगनमाड़ा में मलेरिया फैलने का कारण सरकार की नाकामी है और सरकार की लापरवाही भी है जिसका ख़ामियाज़ा जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

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