बकेला ट्रस्ट के हित मे हाई कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला…

वर्तमान कार्मिक ट्रस्टी,पदाधिकारी का ही होगा दखल

बिलासपुर। जैन तीर्थ बकेला के ट्रस्ट के संबंध में हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया जिसमें पक्षकारो के हित में आदेश देते हुए वर्तमान में ट्रस्ट और उनके कार्मिक पदाधिकारियो का ही हस्तक्षेप सहित भविष्य के सारे निर्णय के लिए ट्रस्ट को ही शक्तिपूर्ण निर्णय लेकर काम करने का आदेश पारित किया गया है। हालांकि पूरे मामले एवं हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी आने के बाद हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को विस्तार से प्रकाशन किया जाएगा। 25 सितंबर को हाई कोर्ट के फैसले के बाद जैन समाज मे अपार हर्ष का माहौल व्याप्त है अब पुनः बकेला धाम का निर्माण मंशानुरूप होने में एक बड़ी सफलता मिलने के रूप में देखा जा रहा है।

ध्यान रहे छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया तहसील के अंतर्गत पंडरिया से 20 किलोमीटर अंदर तीन तरफ से पहाड़ और तीन तरफ से हाफ नदी से घिरे घने जंगल मे प्रभु पार्श्वनाथ जी की भव्य प्रतिमा 1979 में प्राप्त हुई थी। इस घनघोर जंगल मे जैन दर्शन की मूर्तियों के प्राप्त होने से छतीसगढ़ में खास कर इस अंचल में जैन धर्म के बहुत पहले से होने के प्रमाण प्राप्त है। यहां हुई खुदाई से जैन मूर्तियों के अलावा प्रागैतिहासिक काल के पासाण के औजार, सोने के सिक्के, सहित ऐतिहासिक वस्तुओ के प्राप्त होने से इसकी प्राचीनता स्वमेव सिद्ध है ।यहां के आदिवासियों द्वारा प्रभु पार्श्व नाथ जी की मूर्ति प्राप्त स्थल पर कभी हल नही चलाते थे क्योंकि वो इनकी देवगन गुरु के नाम से पूजा करते थे तथा अपनी विभिन्न समस्याओं का निराकरण इनसे पाते थे।

बकेला तीर्थ के जीर्णोद्धार के लिए श्री बकेला पार्स्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ ट्रस्ट लगातार काम कर रहा है इस तीर्थ का जीर्णोद्धार की दिशा में सर्वप्रथम उपाध्याय भगवंत परम् पूज्य श्री मनोज्ञसागर जी की प्रेरणा से ट्रस्ट मण्डल का पंजीयन कराकर भूमि क्रय एवम अन्य व्यवस्थाएं की गयी, एवम निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है जो कि निरन्तर जारी है, तीर्थ में छरित पालित पदयात्रा संघ, एवम अनेक आयोजन समय समय पर जारी है जिसमे पोस बदी दसमी का मेला, शिलान्यास, भूमिपूजन,आदि होते रहते है।

तीर्थ स्थल में विकास की दृष्टि से 5000 फिट का प्रवचन हाल, साधु साध्वी के रहवास के लिए कमरे, 54 कमरों की सर्व सुविधा युक्त धर्मशाला, भोजनशाला, मन्दिर जी ,पेढ़ी आफिस,एव बच्चो के मनोरंजन के लिए झूले, गार्डन आदि बन गए है जिनका उपयोग भी हो रहा है।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले एवं तर्क,वितर्क की विस्तार से खबर शीघ्र ही अगले एपिसोड में दिखाई जायेगी।

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