महिला बाल विकास अधिकारी सुरेश सिंह को जनप्रतिनिधियों ने जमकर लगाई फटकार…

विधायक द्वय धर्मजीत सिंह,शुशांत शुक्ला के साथ जिपं अध्यक्ष ने केंद्रीय राज्य मंत्री साहू से की डीपीओ की शिकायत

पूर्व में बिलासपुर पदस्थ रहते लंबे गोलमाल,भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सुकमा हुआ था स्थानांतरण

4-6 महीने की अवकाश के बाद दो साल मुंगेली के बाद पुनः बिलासपुर में पदस्थ होते ही जनप्रतिनिधियों ने सुनाई खरीखोटी

बिलासपुर। कलेक्टोरेट में केंद्रीय शहरी एवं विकास राज्य मंत्री तोखन साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह को विधायकों के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने फटकार लगाई। कलेक्टर ने भी नाराजगी जताते हुए रवैया बदलने कहा। मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें ​जनप्रतिनिधियों का सम्मान करना होगा। मंत्री साहू ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लेट लतीफी को लेकर पीएचई के अफसर पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने पूछा कि जितना बता रहे हैं, उतना काम ग्राउंड लेवल पर हुआ है या नहीं।

शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्टोरेट के मंथन सभाकक्ष में हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। जब महिला एवं बाल विकास विभाग की बारी आई तो जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह खड़े हुए। तखतपुर विधायक ने कहा कि आप तो मुंगेली में थे, यहां कब आ गए। मिलने भी नहीं आए। सिंह ने बताया कि उन्हें आए एक माह ही हुए हैं। तब विधायक ने कहा कि एक माह का समय बहुत होता है। यदि आपके पास आने का समय नहीं है, तो हम मिलने आ जाते हैं। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने केंद्रीय राज्य मंत्री को बताया कि इनसे महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की संख्या मांगी गई थी, लेकिन इन्होंने नहीं दी। इस पर सिंह ने बताया कि ये आंकड़ा यहां से पता नहीं चलता। विधायक शुक्ला ने कहा कि जहां मिलता है, वहां से मंगाकर देना चाहिए। विधायकों ने जब शिकायत की तो जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान ने भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने मंत्री को बताया कि इन्हें फोन करने पर ये उठाते नहीं और जब उठाते हैं तो दुर्व्यवहार करते हैं। कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि इतने ​अधिकारियों में यदि उन्हें पर्सनली कहा जा रहा है, तो उन्हें अपना एटीट्यूड सुधारना चाहिए। मंत्री साहू ने अधिकारी के व्यवहार पर नाराजगी जताई। वे पीएचई के जल जीवन मिशन के धीमे काम के प्रति भी नाराज हुए। बैठक में बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव सहित सभी जनपद पंचायतों नगरीय निकायों के अध्यक्ष मौजूद थे। विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के बारे में बताया।

15 नवंबर तक पूरा करें सड़कों की मरम्मत, गुणवत्ता से समझौता नहीं-साहू

मंत्री व बिलासपुर सांसद साहू ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के तहत मंजूर कामों की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। सड़क मरम्मत का काम हर हाल में 15 नवंबर तक पूरा करें। सड़कों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

पीएम आवास के अधूरे कार्य जल्दी पूरा करें
मंत्री साहू ने एसडीएम व तहसीलदारों को स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखने, पीएम आवास के कार्यों को तेजी से पूरा करने, गांवों में पेयजल की समस्या को दूर करने, पीएमश्री योजना के तहत चयनित स्कूलों में सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए।

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