महिला और ओबीसी पर दांव से बदल सकते हैं समीकरण
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मनीष शर्मा : मुंगेली। नगर पालिका मुंगेली में अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के रोहित शुक्ला को मिली जीत के बाद पार्षदों के शपथ और होने वाले नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। बता दें नगर पालिका मुंगेली के इस चुनाव में 11 कांग्रेस, 10 बीजेपी और 1 निर्दलीय पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में अगर 1 निर्दलीय पार्षद बीजेपी के खेमे में आ जाए तो मुकाबला बराबरी हो जाएगा। संख्या के इस खेल में खेल में कांग्रेस चौकस है तो बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में मिली हार के बाद हर हाल में अपना उपाध्यक्ष लाने की कोशिश कर रही है।
- दल बदल और क्रॉस वोटिंग के लिए चर्चित रहा है मुंगेली नगर पालिका, संतू सोनकर को भी गंवानी पड़ी थी कुर्सी
मुंगेली नगर पालिका अपनी कारगुजारी के साथ दल बदल और क्रॉस वोटिंग के लिए प्रदेशभर में चर्चा में रहा है। नगरपालिका के पिछले कार्यकाल में तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष संतू सोनकर को पद से हटना पड़ा था तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। स्थिति अब इसके उलट हो गई है। आज नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली है मगर सरकार बीजेपी की है। वहीं जीते हुए पार्षदों का संख्या बल भी बराबरी पर दिख रहा है। ऐसे में उपाध्यक्ष चुनाव में सियासी दांव पेंच आजमाने से इंकार नहीं किया जा सकता है। अगर क्रास वोटिंग होती है तो कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है।
- महिला और ओबीसी पर दांव से बदल सकते हैं समीकरण
गौरतलब है कि दोनों ही राजनैतिक दलों ने अपने अपने पर्यवेक्षक निुयक्त कर दिए हैं। चुनाव में कोई गड़बड़ न हो इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। पर्यवेक्षक पार्टी के पदाधिकारियों व परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पार्षदों की टोह ले रहे हैं। सूत्रों की माने तो उपाध्यक्ष चुनाव में पूरा गणित एक नंबर पर अटका हुआ है…यानि जिधर 1 उधर 11 बराबर एक क्रास वोटर और हो गया खेल।
बताया जा रहा है कि दोनों दलों की ओर से क्रास वोटिंग को रोकने महिला और ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया जा सकता है।
चूंकि अध्यक्ष सामान्य वर्ग का जीत कर आया है इसलिए उपाध्यक्ष पर महिला या ओबीसी का स्वाभाविक दावा बनता है और पार्षदों को इसके लिए राजी किया जा सकता है। लिहाजा दोनों दल महिला और ओबीसी पर दांव लगा सकते हैं। ऐसे बाजी किसके हाथ लगेगी यह आखिरी वक्त पर पता चलेगा।