पहुंचाने की आशंका, पात्रता सूची में एक ही नाम दो बार शामिल
रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर द्वारा हाल ही में निकाली गई फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कॉलेज ऑफ फूड टेक्नोलॉजी में adhoc के रूप में कार्यरत स्टाफ का नाम पात्रता सूची में दो बार आने से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गहरे संदेह उत्पन्न हो गए हैं।
सूची में एक ही अभ्यर्थी का नाम दो बार दिखाई देना केवल तकनीकी त्रुटि नहीं मानी जा सकती, विशेषकर तब, जब वही उम्मीदवार पहले से adhoc रूप में कार्यरत हो। इस घटनाक्रम ने अन्य अभ्यर्थियों के बीच गहरी नाराज़गी और असंतोष पैदा किया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या उसे साक्षात्कार के लिए दो अवसर दिए जाएंगे? क्या यह प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास नहीं है?
सूत्रों के अनुसार, इस स्टाफ शैक्षणिक रिकॉर्ड भी औसत से नीचे का रहा है:
10वीं परीक्षा दो ग्रेस अंकों से उत्तीर्ण
12वीं में एक विषय में अनुत्तीर्ण
B.Sc. केवल द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण
इतने कमज़ोर शैक्षणिक प्रदर्शन के बावजूद उनका नाम पात्रता सूची में दो बार आना, चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर और भी सवाल खड़े करता है।
विश्वविद्यालय ने स्कोर कार्ड देखने के लिए OTP आधारित निजी लॉगिन व्यवस्था लागू की है। परंतु किसी भी पारदर्शी चयन प्रक्रिया में मेरिट लिस्ट और स्कोर सार्वजनिक करना आम प्रक्रिया होती है। जानकारी की इस गोपनीयता ने संदेह को और भी गहरा कर दिया है कि कहीं चयन पहले से तय तो नहीं था?
यह पहला मौका नहीं है जब IGKV की भर्ती प्रक्रिया पर अंगुलियां उठी हों। इससे पहले असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में भी एक लीक सूची सामने आई थी, जिसमें चयनित होने वाले नाम पहले से दर्ज थे। अब फिर से वैसा ही ‘पूर्व नियोजित चयन’ होने की आशंका ज़ाहिर की जा रही है।
बढ़ते आक्रोश के बीच अभ्यर्थी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
1. पूरी मेरिट लिस्ट को सार्वजनिक किया जाए
2. स्कोरिंग प्रणाली और चयन मापदंड स्पष्ट किए जाएं
3. पात्रता सूची में नाम डुप्लीकेशन का कारण बताया जाए
अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।