मुंगेली। शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली कालोनी पृथ्वी ग्रीन एक बार फिर अपराधियों के निशाने पर आ गई। शनिवार की रात करीब 1 से 4 बजे के बीच चार सूने मकानों के ताले टूटे और अज्ञात चोर लाखों की संपत्ति लेकर फरार हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की यह वारदात कलेक्टर बंगले और विधायक निवास जैसे संवेदनशील ठिकानों के नजदीक हुई, फिर भी पुलिस नाकाम रही।
सबसे बड़ी चोरी स्वास्थ्यकर्मी आयुष राम के मकान में हुई, जहां से 29 लाख 80 हजार रुपए की नकदी और जेवरात गायब कर दिए गए। वहीं न्यायाधीश के बंगले से भी चोर चांदी की पायल और नगदी लेकर चंपत हो गए। शिक्षिका अनुपमा दोहरे और सुरेश पांडेय के मकानों में भी चोरों ने ताले तोड़ने और चोरी की कोशिश की।
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्धों की पहचान की बात कही है, लेकिन यह फुटेज तब क्या काम आएगा जब अपराध हो चुका हो?
यह घटना पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करती है। आखिर कैसे इतनी संवेदनशील कॉलोनी में लगातार चार मकानों में एक ही रात में चोरी हो जाती है और किसी को भनक तक नहीं लगती?
पुलिस का दावा है कि मामले की जांच चल रही है, और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन क्या यह दावा पहले की घटनाओं की तरह सिर्फ फाइलों में बंद हो जाएगा?
यदि शहर के “सुरक्षित” माने जाने वाले क्षेत्र में यह हाल है तो आम लोगों का क्या होगा? यह सवाल अब हर मुंगेलीवासी के मन में उठ रहा है।
शहर में बढ़ती चोरी की वारदातों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागज़ों तक सीमित है। आये दिन होने वाली चोरी और लूटपाट की घटनाओं पर अगर समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई, तो आने वाले समय में अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।