जन्मदिन विशेष: दुर्गा बघेल,मुंगेली

डॉ. दुर्गा बघेल जी का जन्म मुंगेली जिला के एक छोटे से गांव मोतिमपुर (सोनपुरी) के मध्यमवर्गीय किसान परिवार में हुआ है। बचपन से ही बहुआयामी प्रतिभा के धनी श्री दुर्गा बघेल जी सरल, सहज स्वाभाव, स्पष्ट दृष्टिकोण, सामाजिक सरोकार से ओतप्रोत व्यक्तित्व थे। उन्होंने जनसेवा को ही जीवन का परम ध्येय मानते हुए राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किये हैं।


वे सामाजिक चेतना, सामाजिक बदलाव सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में बहुत से अच्छे कार्य तो किये ही हैं साथ ही राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत सरपंच, जनपद सदस्य, जनपद उपाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधी जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों में रहते हुए अपने क्षेत्र और समाज के लिए निर्णायक कार्य किए हैं।


क्षेत्रवासियों एवं जनता के आशीर्वाद से उन्हें जब जब राजनीति में जनसेवा करने का अवसर मिला है, हमेशा उनके अपेक्षाओं में खरा उतरने का प्रयास किया, अपने तरफ से अच्छा से अच्छा और उत्कृष्ट कार्य करने का प्रयास किया। यही कारण है कि समाज का आशीर्वाद और जन विश्वास हमेशा उनके साथ रहा है।

मुंगेली जिला का जब भी इतिहास लिखा जाएगा उसमें कई अच्छे और ऐतिहासिक कार्यों के लिए श्री दुर्गा बघेल जी का नाम इतिहास में दर्ज होगा। जब जब मुंगेली जिला के इतिहास की चर्चा होगी लोग दुर्गा बघेल जी को अवश्य याद करेंगे, आने वाले पीढ़ी को उनके द्वारा किये गए अच्छे कार्यों को बताया जायेगा, गाथा सुनाया जायेगा

मुंगेली जिला में स्थित अमरटापू धाम में ऐतिहासिक मेला आयोजित कराने के लिए श्री दुर्गा बघेल जी का इतिहास लिखा जाएगा जिन्होंने अमर टापू धाम को धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का केंद्र बनाया,

नवगठित मुंगेली जिले में जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली के प्रथम जिलाध्यक्ष बनने वाले में श्री दुर्गा बघेल जी का नाम इतिहास में दर्ज होगा।

मुंगेली जिला में प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए उनकी धर्मपत्नी सम्माननीया श्रीमती कृष्णा दुर्गा बघेल जी का नाम इतिहास में दर्ज होगा।। यह उपलब्धि भी डॉ दुर्गा बघेल जी की प्रेरणा, मार्गदर्शन और समर्पण का प्रमाण है

मुंगेली में अपने समाज के लोगों के साथ साथ, सर्व समाज के बारे में अच्छा सोचने वाले नेता, समस्त समाज के जन कल्याण (भलाई) के लिए सतत चिन्तनशील और कर्तव्य निष्ठ नेता के रूप में दुर्गा बघेल जी को इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

एक छोटे से गांव अपने जन्मभूमि मोतिमपुर को पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में एक अलग पहचान दिलाने वाले और अमरटापू धाम मोतिमपुर मुंगेली को सुप्रसिद्ध पर्यटन और दर्शनीय स्थल बनाने के लिए श्री दुर्गा बघेल का नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा ।

प्रतिवर्ष १८ दिसम्बर गुरु घासीदास जयंती के पावन अवसर पर गुरु पर्व मेला अमर टापू धाम में देश प्रदेश के राजनेताओ से लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीती सोच से ऊपर कार्यक्रम में अतिथि बनाने, उन्हें सम्मान प्रदान करने के लिए डॉ दुर्गा बघेल जी के लोक व्यवहार को इतिहास में याद किया जायेगा

सामाजिक चेतना के क्षेत्र में- अमरटापू धाम मोतिमपुर में समाज के विवाह योग्य वर वधु (युवक युवतियों) का आदर्श विवाह कराने के लिए, सामूहिक आदर्श विवाह आयोजन के लिए डा दुर्गा बघेल जी को इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

जनपद परिसर जनपद पंचायत मुंगेली में सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में संविधान निर्माता, भारतरत्न डा भीम राव अम्बेडकर जी के प्रतिमा स्थापित करने के लिए डॉ दुर्गा बघेल जी का इतिहास लिखा जाएगा।

राजनीती में उनके भूमिका केवल पद प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं रहा है बल्कि मुंगेली- लोरमी क्षेत्र के कई युवाओं एवं आमजनों को सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और नेता बनाने उन्हें नेतृत्व पथ पर अग्रसर करने वाले में दुर्गा बघेल जी का नाम इतिहास में दर्ज होगा।।

एक दिवसीय गुरु पर्व मेला अमर टापू धाम में मुंगेली जिला के क्षेत्रीय कलाकारों से लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के प्रदेश स्तरीय लोक कलाकारों को बड़ा मंच और सम्मान प्रदान करने के लिए दुर्गा बघेल जी का इतिहास लिखा जाएगा।।

मुंगेली जिला स्थित अमरटापू धाम मोतिमपुर मुंगेली में सामाजिक सहयोग से परम पूज्य गुरु घासीदास बाबाजी का भब्य नवीन मंदिर निर्माण कराने जैसे सामाजिक सहभागिता के लिए डॉ दुर्गा बघेल जी को इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

व्यवसायिक पहल की शुरुआत- स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने हेतु एवं क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा ऐसा सोचकर मुंगेली में निजी ग्रामोद्योग स्थापित करना, रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में दुर्गा बघेल जी का प्रयास सराहनीय रहा है। इस प्रयास के लिए भी मुंगेली के इतिहास में याद किया जाएगा।

शिक्षा के क्षेत्र में अमरटापू धाम मोतिमपुर में इंग्लिश मीडियम स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए ग्राम कंतेली में महाविद्यालय कालेज प्रारंभ करने की मांग के लिए डॉ दुर्गा बघेल को इतिहास में याद रखा जायेगा।

सरलता और लोकप्रियता की मिसाल- डॉ दुर्गा बघेल जी राजनीती में बहुत से उच्च पदों पर रहते हुए भी सादगी, सहजता और लोक व्यवहार को कभी नहीं छोड़ा ऐसे नेता जो पद की उचाईयों में पहुंचकर भी जमीन से जुड़े रहे। उनका सरल, सहज और आत्मीय व्यवहार उन्हें जनता के दिलों में विशेष स्थान देता है,

     सच्चे जननेता, कर्मयोगी और समाज शिल्पी आदरणीय श्री दुर्गा बघेल जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं…

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