मुंगेली। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के संविदा एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। मंगलवार को दूसरे दिन कर्मियों ने अनोखे अंदाज में हाथों पर मेहंदी से मांगे लिखकर नारेबाजी की और शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।
संघ के जिलाध्यक्ष पवन निर्मलकर ने बताया कि मांगों में संविलियन एवं स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे निर्धारण, लंबित 27% वेतनवृद्धि, कार्य मूल्यांकन सीआर में पारदर्शिता, नियमित भर्ती में आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल व अवकाश सुविधा, स्थानांतरण नीति और 10 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रमुख हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी में अहम भूमिका निभाने के बावजूद आज भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। यदि सरकार ने तत्काल संवाद कर मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित होंगी।
विरोध प्रदर्शन में डॉ. अखिलेश बंजारे, डॉ. मीनाक्षी बंजारे, अमित दुबे, डॉ. शशांक उपाध्याय, डॉ. ज्योति पांडेय सहित बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।