शांताराम जी पंचतत्व में विलीन…श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

मुंगेली। श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू के पुरातात्विक और आध्यात्मिक वैभव को पुनः प्रतिष्ठित करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी एवं संघ के वरिष्ठ प्रचारक शांताराम जी का 94 वर्ष की आयु में रायपुर में निधन हो गया। जिनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान सहित श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप में संपन्न हुआ। इस दौरान सूबे के अधिकांश मंत्रीगण, सांसद,विधायक गण,संघ से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।

बता दें भारतीय स्टेट बैंक में प्रबंधक के पद पर रहते हुए उन्होंने उच्च पद, सुविधाएँ और प्रतिष्ठा का त्याग कर हिंदू समाज को संगठित करने का संकल्प लिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। संघ में रहते हुए उन्होंने क्रमशः जिला, विभाग, प्रांत प्रचारक और क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।

शांताराम जी का व्यक्तित्व सेवा, संगठन और समाजोत्थान की अदम्य भावना से ओत-प्रोत था। वर्ष 1990 से उन्होंने श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू को पुनः स्थापित और विकसित करने का मिशन अपनाया। उनके मार्गदर्शन और अथक प्रयासों से यह क्षेत्र न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से पुनर्जीवित हुआ, बल्कि शोधकर्ताओं और श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण भी बना।

मदकू के साथ ही उन्होंने बैतलपुर की कुष्ठ बस्ती चंदरपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाएँ और अन्य सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किया। इसके अतिरिक्त नवागढ़ के शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में प्रेरणा देना हो या मदकू एवं दरूवनकांपा क्षेत्र में सेवा कार्य और चिकित्सा सेवा को गति देना—उनके जीवन का प्रत्येक क्षण समाज के लिए समर्पित रहा। उनका जीवन समाज सेवा और संगठन शक्ति का जीवंत उदाहरण रहा। उनके मार्गदर्शन से अनेक कार्यकर्ताओं ने प्रेरणा लेकर जनसेवा का मार्ग अपनाया। उनका निधन न केवल श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप समूह के लिए बल्कि समूचे समाज के लिए अपूरणीय क्षति हुई है।

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