मुंगेली। आगामी 17 सितंबर को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के मुंगेली दौरे से पहले ही जिला कांग्रेस कमेटी में अंतर्कलह खुलकर सामने आने लगी है। शनिवार को डिंडौरी ब्लॉक में आयोजित बैठक में कई पदाधिकारियों ने खुले मंच पर इस्तीफ़ा देने की पेशकश कर दी। उनका आरोप था कि जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा लगातार एकतरफा फैसले ले रहे हैं और संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि अभी हाल ही में जोगी कांग्रेस से आए लोगों को पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की राय तक नहीं ली जाती। इसी नाराज़गी के चलते इस्तीफ़े की स्थिति बनी। अभी हुए जिले की बूथ स्तर और मंडल नियुक्तियों पर भी कार्यकर्ताओं की नाराज़गी उजागर हुई है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक चंद्रभान बारमते कर रहे थे, वहीं लोरमी के छाया विधायक थानेश्वर साहू भी मौजूद थे। लेकिन विवाद बढ़ता देख थानेश्वर साहू बीच बैठक से उठकर चले गए। बाद में चंद्रभान बारमते ने समझाइश देकर स्थिति को संभाला और पदाधिकारियों को शांत कराया।

सूत्रों का कहना है कि असंतुष्ट कार्यकर्ता 17 सितंबर को सचिन पायलट के सामने खुलकर अपनी बात रखेंगे और जिला नेतृत्व की शिकायत करेंगे। इससे पहले भी मुंगेली नगर पालिका उपाध्यक्ष चुनाव में क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को लेकर कार्यकर्ता नाराज़गी जाहिर कर चुके हैं। लोरमी और पथरिया में भी उपाध्यक्ष चुनावों के दौरान अनुशासनहीनता पर भिन्न-भिन्न रवैया अपनाने का आरोप जिलाध्यक्ष पर लगा था।

अब जबकि पायलट का दौरा करीब है, कार्यकर्ताओं की नाराज़गी खुलकर सामने आने से कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और उभर सकती है। पार्टी नेतृत्व के लिए यह चुनौती है कि वह इस विवाद को समय रहते सुलझाए, वरना आगामी चुनावी रणनीति पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।