रायपुर। राजधानी के गलियारों में इन दिनों गहमागहमी है। जन चर्चाओं के अनुसार 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विकास शील (छत्तीसगढ़ कैडर) को राज्य का 12वां मुख्य सचिव बनाए जाने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।
मामले की रफ़्तार ने सभी को चौंकाया है। बताया जा रहा है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने 12 सितंबर को उन्हें एशियाई विकास बैंक (एडीबी), मनीला से वापसी का आदेश जारी किया। वे वहाँ कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में तैनात थे। केवल 24 घंटे के भीतर उनकी कार्यमुक्ति की औपचारिकता पूरी हुई और अगले ही दिन विदाई समारोह भी संपन्न हुआ। अब माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में उनकी रायपुर वापसी का कार्यक्रम तय हो सकता है।
उनकी नियुक्ति की अधिसूचना भी शीघ्र जारी होने की संभावना है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि उनकी पत्नी, आईएएस निधि छिब्बर (1994 बैच), इस समय नई दिल्ली में नीति आयोग में महत्वपूर्ण पद पर हैं। ऐसे में यह “पावर कपल” प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्य सरकार अपने रजत जयंती वर्ष में मज़बूत नौकरशाही नेतृत्व की स्थापना चाहती है। नई पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने और बस्तर में औद्योगिक निवेश बढ़ाने जैसी प्राथमिकताओं के बीच मुख्य सचिव का दायित्व और भी महत्वपूर्ण हो गया है। केंद्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शील के अनुभव से राज्य शासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विकास शील का करियर संतुलित प्रोफ़ाइल का उदाहरण है। मध्य प्रदेश कैडर से शुरुआत कर उन्होंने कोरिया, बिलासपुर और रायपुर के कलेक्टर पद पर उल्लेखनीय काम किया। राज्य सचिवालय में शिक्षा, खाद्य, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभागों में अहम जिम्मेदारियाँ निभाईं। दिल्ली में अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय के रूप में वे महामारी की तैयारियों में अग्रणी रहे, वहीं जल शक्ति मंत्रालय में जल जीवन मिशन का सफल संचालन किया। जनवरी 2024 से वे एडीबी, मनीला में प्रतिनियुक्ति पर थे।
हालांकि आधिकारिक आदेश का इंतज़ार अभी बाकी है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि विकास शील जल्द ही छत्तीसगढ़ की नौकरशाही की कमान संभाल सकते हैं।