आदिवासी विरोधी गतिविधियों में पुराने संलिप्त आपराधिक प्रवृति के लोग कर रहे साजिश
रायपुर/गरियाबंद। गरियाबंद जिला जहां राज्य सरकार विकास के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को भेज वर्षो से वहां पिछड़ेपन और आदिवासी बाहुल्य लोगों के निरंतर विकास की सोच के साथ जिला प्रशासन सक्रिय रहा मगर इस गरियाबंद जिले में कुछ विघ्नसंतोषी, असामाजिक लोगों ने भ्रामक खबरों से सोशल मीडिया,जिला प्रशासन से प्रधानमंत्री दफ्तर झूठी शिकायतें डाल अपने रोजी रोटी का जरिया बना रखा है जब अधिकारी इनके इस रवैया को देख अनदेखा करने लगे तब उन्हीं अधिकारियों की शिकायत कुछ तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट या फिर नवेले वेबसाइट में खबरें लगा कर भ्रांति फैला कर माहौल खराब करने की कोशिश लंबे समय से की जा रही है। हालांकि कुछ लोगों की शिकायत जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों के माध्यम से पुलिस और अन्य साइबर सेल में की गई है मगर ऐसे तथा कथित लोग नित नए नए ढंग से सोशल मीडिया में दुष्प्रचार का जरिया बना ब्लैकमेल करने या गरियाबंद जिले का माहौल खराब करने लगातार प्रयास कर रहे हैं।
ताजा घटनाक्रम गरियाबंद जिले के आदिवासी विभाग से जुड़ा हुआ है जहां लगातार प्रभारी अधिकारियों को कथित लोग जिला निर्माण उपरांत टारगेट कर ब्लैकमेल करने या भयादोहन करने का ढर्रा बना लिए थे उसके बाद 2021 के बाद आदिवासी विभाग में लम्बे समय तक कोई आना नहीं चाहा और गरियाबंद स्थानान्तरण होने पर बिना चार्ज लिए अपना स्थानान्तरण करा लिया करते थे। मगर 2022–23 में संयुक्त कलेक्टर के रूप में नवीन कुमार भगत का स्थानान्तरण हुआ उस समय शिक्षा विभाग,आदिवासी विभाग और अन्य विभाग की अधिकारी नहीं थे तब ऐसे समय में संयुक्त कलेक्टर नवीन भगत ने प्रभारी के रूप में जवाबदारी संभाली विभिन्न विभागों में प्रभारी रहते हुए सभी विभाग के कार्यभार को संभाला बावजूद आज जिले के कुछ आपराधिक प्रवृति में लिप्त लोगों द्वारा लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से भयादोहन, ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन के लिए कभी किसी जनप्रतिनिधियों या सक्रिय मीडिया या फिर आरटीआई एक्टिविस्ट के तरफ से शिकायत विरोध या किसी भ्रामक खबरों का समर्थन नहीं किया गया बावजूद दिन प्रतिदिन नए नए हथकंडे से कुछ असामाजिक लोग मीडिया,सोशल मीडिया या झूठी शिकायतों की आड़ में भयादोहन, ब्लैकमैल करने की साजिश कर रहे हैं।
गरियाबंद जिले में तथाकथित लोगों द्वारा अंतर्गत बयानबाजी,झूठी शिकायतें कर माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है जिसके लिए जिले के सभी जनप्रतिनिधि,मीडिया के सक्रिय ईमानदार लोग लामबंद होकर शीघ्र ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप आदिवासी बाहुल्य जिले गरियाबंद में विकास के लिए रोड़ा डाल रहे विघ्नसंतोषी लोगों पर कार्यवाही के लिए मांग करेंगे।