राजनांदगांव। ‘सेवानिवृत्ति’ जीवन का एक खास पड़ाव है, जहाँ पुरानी यादें और नई उम्मीदें साथ चलती हैं। यह वह पल है, जब किसी की मेहनत और योगदान को सराहा जाता है। चाहे वह किसी भी क्षेत्र में पदस्थ अधिकारी हों या परिवार के सदस्य, विदाई का यह समय भावनाओं से भरा होता है।
“हर सफर का एक आखिरी पड़ाव होता है, हर कहानी का एक आखिरी अध्याय होता है।”
इस शायरी का मतलब है कि हर अंत एक नई शुरुआत लेकर आता है। सेवानिवृत्ति भी ऐसा ही एक मौका है, जहाँ कामकाजी जीवन खत्म होता है और एक नई, खुशहाल यात्रा शुरू होती है।

सहकारिता के क्षेत्र में राजनांदगांव में बतौर प्रबंधक पदस्थ रहे प्रफुल्ल शर्मा के सेवानिवृति पर सहकारिता के अधिकारियों , अधीक्षक व सहकर्मियों ने कार्यालय में विदाई समारोह का आयोजन कर उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर मुख्य रुप से सुधीर सोनी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सेवानिवृत्त हो रहे प्रबंधक प्रफुल्ल शर्मा को बुके देकर सम्मानित किया। विदाई समरोह को संबोधित करते हुए सीईओ सुधीर सोनी ने कहा कि सरकारी सेवा से सेवामुक्त एक स्वतः प्रक्रिया होती है। सभी को एक दिन सेवामुक्त होना है।

लेकिन सेवानिवृति का वो क्षण तब सुखद होता है, जब बेदाग सेवा निवृति होने का अवसर प्राप्त हो। श्री सोनी कहा कि भाई प्रफुल्ल ने सहकारिता क्षेत्र में लम्बे समय मिले दायित्वों को सफलता पूर्ण बखूबी निर्वहन किया लेकिन कभी भी तनाव से काम नहीं किया। चूंकि विधि से संबंधित विशेष जवाबदेही होने के बावजूद हर विकट परिस्थिति का सामना करते हुए काम को निरंतर करते गए और उन्हें सफलता भी मिलती गई। वे कभी भी अपने पदाधिकारी अधिकारियों और कर्मचारी काे सम्मान देते हुए कार्य को आगे बढ़ाते गए। उन्होंने विभाग के हर छोटे-बड़े कर्मियों, पदाधिकारियों को सम्मान दिया। हम सभी विदाई के अवसर पर प्रफुल्ल शर्मा के मंगल जीवन की कामना करते हैं।

इस भावुक क्षण में सेवानिवृत्त प्रबंधक प्रफुल्ल शर्मा ने अपने 38 साल के सफर के लिए उन सभी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके साथ प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से काम किया सहयोग किया और उन्हें सहकारिता के फील्ड में कार्य करने के लिए सहयोग किया। प्रफुल्ल शर्मा ने कहा कि कोई काम हो डिवोशन व डीटरमिनेशन के साथ करें तो अवश्य ही सफलता मिलती है। प्रफुल्ल शर्मा ने अपने जीवन के हर क्षण को अपने स्टाफ के साथ साझा किया

बता दें सेवानिवृत्त प्रबंधक प्रफुल्ल शर्मा ने 1988 से अब तक अविभाजित मध्यप्रदेश एवं 25 सालों से छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में सेवाएं दी। सहकारिता के क्षेत्र में विधि से संबंधित कार्यों एवं लंबे समय तक मिले दायित्वों को उन्होंने बखूबी से निभाया। बिदाई अवसर पर जिला सहकारी बैंक के सीईओ,अधीक्षक सहित पूरा स्टाफ के अलावा प्रफुल्ल शर्मा के पारिवारिक सदस्य, मित्रगण बढ़ी संख्या में मौजूद रहे।