गरियाबंद। अपनी करतूतों और भयंकर भ्रष्टाचार के कारनामों की शिकायत के बाद दो–दो बार स्थानान्तरण आदेश कलेक्टर के जारी करने के बावजूद गरियाबंद सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग प्रभार देने से आनाकानी कर रहा है।
कलेक्टर के पास लंबे समय से मिल रही शिकायत के मद्देनजर एक माह पूर्व पूर्व कलेक्टर दीपक अग्रवाल के स्थानांतरण करने के बावजूद वर्तमान कलेक्टर भी स्थानान्तरण आदेश जारी कर खानापूर्ति जैसा ही कर दिए। आदिवासी विभाग के सारे कामों का सम्पादन अभी भी भ्रष्टाचार से घिरे सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत ही निपटा रहा है।
बता दें विभाग से सम्बन्धित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं दिया जा रहा है वहीं सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत कलेक्टोरेट के दूसरे कक्ष में बैठ आदिवासी विभाग के सारे मलाईदार काम को अंजाम दे रहा है।
विभाग का चक्कर काट पीड़ित,प्रभावित है परेशान
आदिवासी विभाग के नियमित काम,वेतन,भुगतान के लिए विभाग का सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत बेखबर है। लाखों रूपये डीज़ल, पेट्रोल का भुगतान लंबित रखा गया है। आपूर्तिकर्ता विभाग के चक्कर काट परेशान है।
खनिज,भू–अभिलेख के काम भी जबरिया हस्तक्षेप से हो रहे प्रभावित
अपर कलेक्टर,सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत के लगभग 3 वर्ष के भ्रष्टाचार की लगातार शिकायत होने के बावजूद उन्हें खनिज, भू अभिलेख जैसा प्रभार देकर भ्रष्ट गतिविधियों को अंजाम देने अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत व उसके निजी सहयोगियो की टीम माइनिंग काम में बेवजह हस्तक्षेप कर राजस्व को प्रभावित एवं बेवजह लोगों को परेशान करने का काम कर रहे हैं