डॉ सीवी रामन विश्वविद्यालय का स्तरहीन नजारा…आजादी के पूर्व की व्यवस्था जैसा चल रहा ललित कला संकाय

कोटा/बिलासपुर :
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय में वर्ष 2023-24 से संचालित बीपीए (बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स) यानी ललित कला कोर्स को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं।

यह पूरा विभाग मात्र दो कमरों में संचालित हो रहा है और तीन वर्षीय इस कोर्स की सालाना फीस लगभग 14–15 हजार रुपये निर्धारित की गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि कोर्स के चार सेमेस्टर पूरे हो जाने के बावजूद अब तक किसी भी छात्र को एक भी सेमेस्टर की मार्कशीट जारी नहीं की गई है।

यही नहीं, छात्रों का विश्वविद्यालय स्तर पर रजिस्ट्रेशन तक नहीं हुआ है। आरोप हैं कि छात्रों को टेम्पररी रोल नंबर देकर काम चलाया गया और फीस की मैन्युअल रसीदें काटी गईं, जबकि विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में फीस रसीदें ऑनलाइन जनरेट की जाती हैं।

यदि ये आरोप सही हैं तो यह न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि विश्वविद्यालय संचालन प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थिति यह सवाल उठाती है कि बिना रजिस्ट्रेशन और बिना मार्कशीट के तीन साल का कोर्स करने वाले छात्रों का आगे क्या होगा?

यह भी बताया जा रहा है कि यह पहला मौका नहीं है जब विश्वविद्यालय पर मार्कशीट न देने के आरोप लगे हों। इससे पहले भी विभिन्न विषयों के छात्रों ने कई-कई वर्षों तक मार्कशीट जारी न किए जाने की शिकायतें की हैं।

जब इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन से प्रतिक्रिया मांगी गई तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने जवाब देना उचित नहीं समझा, जो स्वयं कई संदेहों को जन्म देता है। यह रवैया दिखाता है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को अपने छात्रों के भविष्य की कितनी चिंता है।

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आवश्यक है कि सरकार और उच्च शिक्षा विभाग तुरंत जांच कराए, ताकि छात्रों का अकादमिक भविष्य प्रभावित न हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

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