नगर पालिका सीएमओ होरीलाल को चढ़ा मुंगेली का रंग

पपेट की तरह करने लगे नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी काम

मुंगेली। मुंगेली शहर में नगर पालिका के द्वारा अपने बिजली,पानी, बेहतर सड़क की व्यवस्था पर ध्यान ना देकर कुत्ते बिल्ली जैसी लड़ाई शुरू कर दी है। आधा शहर जहां वर्षों से अवैध अतिक्रमण, घने बसाहट से लोगों का चलना दूभर है बावजूद सीएमओ की सूक्ष्म दृष्टि कभी उन ज्वलंत मुद्दों पर नहीं गई और ओछी राजनीति के चलते अब स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के लिए बनाए आवास अथवा भूखंड जहां पूर्ण निर्माण होने के बाद स्तरहीन सीएमओ के नोटिस से आक्रोश बढ़ने और शहर के शांत माहौल को दूषित करने का प्रयास होने लगा है। मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं और बदले की नियत से नोटिस का खेल कर शहर के शांत माहौल में खलल डालने की शुरुआत अब स्वयं नगर पालिका परिषद के सीएमओ अपने हस्ताक्षर से संबंधित को नोटिस जारी कर कर रहे हैं।

सीएमओ को खुली चुनौती किस वार्ड में देखना है बिना स्वीकृति निर्माण

इसके अलावा नगर पालिका की कार्यप्रणाली की चर्चा तो पूरे प्रदेश में सर्वविदित रही है यह वो नगर पालिका परिषद है जहां अधिकारी अपने काले कारनामे और नाली निर्माण घोटाले में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर को अनर्गल अपराध में जेल डाल राजनैतिक हत्या का भी षड्यंत्र हो चुका है अब सीएमओ होरीलाल भी उसी रंग में आते नजर आ रहे हैं। अवैध अतिक्रमण मटन,चिकन विक्रय के लिए शहर की गली गली बलात कब्ज़ा और ठेला रखने सहित पूरे शहर को दूषित करने का जो प्रयास हो रहा है उसके लिए मुंगेली नगर पालिका परिषद के अधिकारी,कर्मचारी अपनी आंख बंद कर लिए है इसके अलावा संपत्ति कर,नल कर वसूली में मुंगेली नगर पालिका की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है जिसके लिए सीएमओ को कोई कार्य योजना नहीं है। शहर के 22 वार्डो में आधा से अधिक वार्ड में अल सुबह भवनों के निर्माण के लिए सैकड़ों हाइवा गिट्टी,रेती डंप होकर अवैध भवनों का निर्माण अथवा बगैर स्वीकृति हो रहे निर्माण के लिए नगर पालिका बिल्कुल सजग नहीं दिख रही है लेकिन इस सीएमओ को स्वास्थ्य से सम्बन्धित यदि कोई आपातकाल के लिए उपलब्ध सामान अथवा उक्त भवन निर्माण के पूर्ण रूप से बन जाने के बाद अवैध अथवा अतिरिक्त निर्माण की कार्यवाही के लिए रोज नोटिस नोटिस खेला जा रहा है।

शहर के शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश में शामिल ना हो सीएमओ

यह भी बता दे कि पर्दे के पीछे महिला वृत्ति से नगर पालिका अथवा सीएमओ के हवाले से कार्यवाही का ढचरा दिखाने वाले लोगों से बेहतर वो लोग है जो निर्बल,निशक्त,बेसहारा लोग है मगर सीएमओ को समझना चाहिए कि छोटी बसाहट के इस नगर पालिका के भीतर शहर के मध्य पुराना बस स्टैंड के शांत माहौल को प्रभावित करने अथवा उद्वेलित करने कोई नोटिस कार्यवाही का भय ना दिखाए। चिकित्सा से संबंधित दुकानें अथवा अत्यन्त अनिवार्य विषय वस्तुओं की दुकान पर कार्यवाही की बजाय गली गली बिक रहे अवैध शराब, गांजा,शराब, मटन,चिकन,मछली के अवैध कारोबार अथवा अप्रिय वारदात होने की स्थिति को रोके। वरना पूरा शहर और हर नागरिक इसी नगर पालिका परिषद का घेराव कर हर अवैध काम के लिए कुर्सी से उठाकर कान पकड़ ले जाकर दिखाएगा तब सारी स्थिति परिस्थिति झेलने के लिए तैयार रहे पूरा नगर पालिका परिषद के अधिकारियों , कर्मचारियों का अमला।

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