बिलासपुर। शहर स्थित प्रतिष्ठित ऑटो डीलर JD Toyota के वर्कशॉप प्रबंधन पर ग्राहकों से मरम्मत कार्य के लिए अग्रिम भुगतान लेने और बिना भुगतान कार्य शुरू न करने का दबाव बनाने से कंपनी के कस्टमर सर्विस पर सवाल उठने लगे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की मरम्मत के लिए आवश्यक स्पेयर पार्ट्स मंगाने के नाम पर पहले एडवांस राशि जमा कराने को कहा जा रहा है, अन्यथा वाहन लंबे समय तक क्षतिग्रस्त अवस्था में वर्कशॉप में खड़े रखे जा रहे हैं।
–अनुबंधित इंश्योरेंस प्रदाता से बीमा कराने का दबाव
ग्राहकों के अनुसार, यदि वाहन का बीमा कंपनी के अनुबंधित इंश्योरेंस प्रदाता से नहीं है तो वर्कशॉप प्रबंधन की ओर से अतिरिक्त दबाव बनाया जाता है। ऐसे मामलों में आवश्यक पुर्जों की उपलब्धता और मरम्मत प्रक्रिया को लेकर देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
–पार्ट्स की अनुपलब्धता का बहाना
जानकारी के मुताबिक, JD Toyota बिलासपुर में स्पेयर पार्ट्स का स्टाक नहीं होने का बहाना बना कर ग्राहकों को एडवांस पेमेंट की मांग की जाती है। जिससे Toyota जैसी वर्ल्डक्लास आटो निर्माता कंपनी की साख खराब हो रही है। बिलासपुर जिले के ग्राहक JD Toyota प्रबंधन की मानमानी से कंपनी सर्विस से दूरी बनाने लगे हैं।
ग्राहकों का कहना है कि Toyota कंपनी की कस्टमर सर्विस में इस बात का स्पष्ट प्रवाधान है कि कंपनी के वाहनों की नियमित मांग को देखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखने की जिम्मेदारी प्रबंधन की है। लेकिन यहां इन्वेंट्री प्रबंधन की कमजोरी और विभिन्न मॉडलों की अलग-अलग जरूरतों के कारण मरम्मत कार्य में विलंब हो रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पार्ट्स उपलब्ध होने के बावजूद एडवांस भुगतान के नाम पर कार्य टाला जा रहा है।
–कम्युनिकेशन गैप की समस्या
कुछ ग्राहकों ने सर्विस एडवाइजर पर गलत या अधूरी जानकारी देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्पष्ट संवाद की कमी और अनावश्यक दबाव के कारण विवाद की स्थिति बन रही है।
इसके अलावा वर्कशॉप में तैनात कुछ कर्मचारियों प्रशिक्षण और उनके द्वारा वर्कशाप में लाने वाले वाहनों के मरम्मत से भी ग्राहक असंतुष्ट हैं। ग्राहकों का कहना है कि सर्विस मैनुअल की पर्याप्त जानकारी न होने और तकनीकी त्रुटियों के कारण वाहन मालिकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
–शिकायत के बाद भी समाधान नहीं
ग्राहकों का कहना है कि उच्च स्तर पर शिकायत और एस्केलेशन के बावजूद समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को कंज्यूमर फोरम का सहारा लेने की नौबत आ रही है।