मुंगेली जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने शहीद आरक्षक राकेश डहरिया के परिवार को आर्थिक सहायता मुहैया कराई है।
मुंगेली। पुलिस सैलरी पैकेज, शहीद आरक्षक की पत्नी को 1 करोड़ रुपये मुंगेली के एसएसपी भोजराम पटेल ने पथरिया में पदस्थ शहीद आरक्षक राकेश डहरिया का 24.06.2025 को ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो जाने पर दिवगंत आरक्षक राकेश डहरिया के परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज के तहत आर्थिक सहायता 01 करोड़ रूपये का चेक दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के द्वारा सड़क हादसे मे आरक्षक राकेश डहरिया की आकस्मिक निधन पश्चात् धर्मपत्नि नागेश्वरी डहरिया को सांत्वना देते हुये पुलिस सैलरी पैकेज के तहत भारतीय स्टेट बैेंक शाखा से 01 करोड़ रूपये का चेक देकर आर्थिक रूप से सहायता प्रदाय किया गया।
शहीद आरक्षक की पत्नी को मदद
पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने शहीद जवान की धर्मपत्नी नागेश्वरी डहरिया के नाम जारी एक करोड़ रुपये (₹1करोड़) का चेक दिया।
इस संवेदना अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि शहीद आरक्षक राकेश डहरिया न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। शहीद जवानों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनके परिवारों के साथ खड़े रहना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
भावुक हुईं शहीद की पत्नी
शहीद आरक्षक राकेश डहरिया की पत्नी नागेश्वरी डहरिया भावुक नजर आईं। उन्होंने शासन, पुलिस प्रशासन और बैंक प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन और प्रशासन आगे भी उनके परिवार का मार्गदर्शन और सहयोग करता रहेगा।
पुलिस सैलरी पैकेज योजना एवं शासकीय प्रावधानों के अंतर्गत दिवंगत आरक्षक के परिजनों को ₹01 करोड़ (एक करोड़ रुपये) की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। उक्त राशि नियमानुसार आरक्षक राकेश डहरिया के आश्रित परिजन को प्रदान की गयी इसके अतिरिक्त अन्य देय शासकीय लाभ, अनुग्रह राशि, जीपीएफ/ग्रेच्युटी एवं अनुकम्पा नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन में है।
यह सहायता राशि परिवार के लिए बड़ा संबल है। पति ने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए, जिस पर गर्व है- नागेश्वरी, (शहीद राकेश डहरिया की पत्नी)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी ने कहा कि पुलिस जवान कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। शहीद जवानों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी होता है। आरक्षक राकेश डहरिया ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा ने भी शहीद के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपने शहीदों को कभी नहीं भूलता। आर्थिक सहायता के साथ-साथ शहीद परिवारों को सामाजिक और भावनात्मक सहयोग भी दिया जाता है, ताकि वे खुद को अकेला महसूस न करें।
पुलिस सैलरी पैकेज योजना का उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य है कि शहीदों के परिजनों को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मिल सके, ताकि वे भविष्य को लेकर चिंतित न रहें। शहीद जवानों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता, शासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाती है। यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि देश और समाज अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के साथ सदैव खड़ा है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक राहुल रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत शहीद जवान के परिजनों को निर्धारित राशि दी जाती है। इस योजना को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जाता है, ताकि शहीद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।
सैलरी पैकैज दिलाने मे निरीक्षक (एम) मदनलाल शुक्ला, उप निरी. अमन कश्यप, प्र.आर. वेदसिंह सोन्ड्रे एवं बैंक प्रबंधन की अहम भुमिका रही।