मुंगेली – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हाल ही में बजट सत्र के दौरान शासकीय कर्मचारी व अधिकारी के लिए कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी करने का प्रावधान किया गया है।जिसके अंतर्गत शासकीय कर्मचारी व अधिकारी निर्धारित मान्यता प्राप्त निजी व शासकीय अस्पतालों में हेल्थ कार्ड के माध्यम से अपना उपचार करा सकेंगे।शासन द्वारा हेल्थ कार्ड बनाने की घोषणा की गई थी।किंतु अभी तक कार्ड जारी नहीं की गई है।
साथ ही इसके संबंध के कोई विस्तृत गाइडलाइन भी जारी नहीं हुई है।कर्मचारी हेल्थ कार्ड द्वारा कैशलेस उपचार का इंतजार कर रहे हैं।छ. ग.शालेय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष दीपक वेंताल ने शासन से मांग की है कि जल्द ही कैशलेश उपचार के लिए हेल्ड कार्ड जारी किए जाना चाहिए।जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सके।उन्होंने बताया कि शासन द्वारा हेल्थ कार्ड जारी करने का प्रावधान बजट सत्र में किया गया था।किंतु प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।शासन से जल्द ही कैशलेस सिस्टम को लागू करने की मांग कर्मचारी कर रहे हैं।
संघ के जिला सचिव नेमीचंद
भास्कर ने बताया की
वर्तमान प्रक्रिया जटिल-वर्तमान में शासकीय कर्मचारियों व अधिकारियों तथा परिवार के सदस्यों का उपचार में होने वाले खर्च को शासन द्वारा प्रदान किया जाता है।किंतु इसकी प्रक्रिया जटिल है।उपचार के पूर्व विभाग को सूचना देने पश्चात बिल को सम्बंधित विभाग के कार्यालय में जमा करना पड़ता है।जिसके बाद बिल को जिला चिकित्सालय भेजा जाता है।जिला चिकित्सालय द्वारा परीक्षण कर पुनः बिल व फ़ाइल विभाग को वापस भेजी जाती है।इसके पश्चात शासन से आबंटन की मांग की जाती है।ततपश्चात उपचार में हुए खर्च का 50 से 60 प्रतिशत राशि स्वीकृत हो पाती है।इस पूरे प्रक्रिया में परिस्थिति अनुसार 6 माह से लेकर 1 वर्ष से अधिक समय लग जाता है।इसके चलते बीमार कर्मचारी के उपचार बाधित होती है।साथ ही पैसे के आभाव में अनेक लोग उपचार नहीं करा पाते है।
ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश देवांगन, गुनाराम निर्मलकर ने बताया की
बजट में हुई थी घोषणा
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा पेश किए गए वार्षिक बजट में इस योजना को मंजूरी दी गई है और इसके सुचारू संचालन के लिए ₹100 करोड़ का शुरुआती बजट भी प्रावधानित किया गया है।
इस योजना से जुड़े प्रमुख बिंदु और वर्तमान स्थिति नीचे दी गई है:
योजना की मुख्य बातें
ई-हेल्थ कार्ड (e-Health Card): इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सभी पात्र कर्मचारियों और अधिकारियों के विशेष ‘ई-हेल्थ कार्ड’ बनाए जाएंगे।
अस्पतालों में सीधा इलाज: कार्ड के माध्यम से प्रामणिक (Empanelled) सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान कर्मचारियों को अपनी जेब से अग्रिम भुगतान या कैश देने की जरूरत नहीं होगी, अस्पताल सीधे शासन से क्लेम करेगा।
पुरानी व्यवस्था से बदलाव: वर्तमान में कर्मचारियों को पहले अस्पताल का बिल खुद चुकाना पड़ता है, जिसके बाद मेडिकल रीइम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता है। नई व्यवस्था लागू होने से इस परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
वर्तमान में योजना की क्या है स्थिति
बजट में घोषणा होने के बाद छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस योजना को ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया में तेज़ी से जुटे हैं:
ड्राफ्ट तैयार:
कर्मचारी संघ की तरफ से योजना की नियमावली और सुचारू संचालन को लेकर एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।
कैबिनेट अनुमोदन: वर्तमान में इस योजना के ड्राफ्ट को कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी (अनुमोदन) मिलने और फिर राजपत्र (Gazette) में इसकी विस्तृत गाइडलाइंस प्रकाशित होने का इंतज़ार है।
दीपक वेंताल
जिलाध्यक्ष
छ. ग. शालेय शिक्षक संघ मुंगेली