छत्तीसगढ़ के मुंगेली शहर में अवैध कॉलोनियों और प्लाटिंग के खिलाफ नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। नगर पालिका द्वारा 60 से अधिक अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने संबंधित लोगों को जवाब प्रस्तुत करने के लिए 15 दिनों का समय दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी जब नोटिस तामील कराने संबंधित स्थानों पर पहुंचे तो कई मामलों में नोटिस लेने से ही इनकार कर दिया गया। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की भी शिकायत सामने आई है। कही सम्बंधित व्यक्ति के पता सही नही होने पर अब नगर पालिका प्रशासन ने डाक माध्यम से नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि कानूनी रूप से नोटिस की तामिली सुनिश्चित की जा सके और आगे की कार्रवाई में कोई बाधा न आए।

अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों के विकास के मामलों में अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। उचित जवाब प्रस्तुत नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर चलाने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
गौरतलब है कि अवैध कॉलोनियों का मामला वर्षों पुराना है। नगर पालिका द्वारा 17 नवंबर 2022 से लगातार नोटिस जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। शहर में अवैध कॉलोनियों के विस्तार को लेकर कई बार शिकायतें सामने आईं, लेकिन कार्रवाई नोटिसों तक ही सीमित रही।