मोदी सरकार के 12 वर्ष: विश्वास, विकास और जनकल्याण का स्वर्णिम सफर


मोदी सरकार के 12 वर्षों का कार्यकाल विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मजबूत और निर्णायक कदमों का प्रतीक रहा है। इस अवधि में देश ने अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान, स्वरोजगार और अधोसंरचना सहित लगभग हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए केंद्र सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से लगभग 4.31 लाख करोड़ रुपये की राशि गलत हाथों में जाने से बचाई गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है।

सरकार की जनहितकारी नीतियों और योजनाओं के परिणामस्वरूप देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जबकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 57 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से 30 लाख से अधिक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ मिला है।

बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में “मोदी सरकार के 12 वर्ष : विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” विषय पर संवाद करते हुए कहा गया कि केंद्र सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा गया है। यही कारण है कि देश में व्यापक और क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिला है तथा भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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